राष्ट्र सेवा दल के कार्यक्रम में बच्चों को दिया गया संविधान और राष्ट्रीय एकता का संदेश

  • Post By Admin on May 18 2026
राष्ट्र सेवा दल के कार्यक्रम में बच्चों को दिया गया संविधान और राष्ट्रीय एकता का संदेश

मुजफ्फरपुर : राष्ट्र सेवा दल के चार दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन सोमवार को आदर्श राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बीएमपी कम्पाउंड, मालीघाट में जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्र सेवा दल के पूर्व महामंत्री शाहिद कमाल ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाहिद कमाल ने राष्ट्र सेवा दल के इतिहास और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन की स्थापना वर्ष 1936 में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हुई थी। इसका उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, देश सेवा की भावना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा दल युवाओं को वैचारिक और सामाजिक शिक्षा देने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, ग्रामीण विकास और जन-जागरूकता के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।

शांति सेना मुजफ्फरपुर के संयोजक सोनू सरकार ने बच्चों को भारतीय संविधान की मूल भावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अवसर, धार्मिक स्वतंत्रता और सम्मान का अधिकार देता है। भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और सरकार जनता की इच्छा से बनती है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए विषय विशेषज्ञ आकाश इंगले और शुभम चोगेल ने गीत-संगीत और खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को संविधान की मूल भावना और सामाजिक मूल्यों की जानकारी दी। वहीं सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव एवं लोक कलाकार सुनील कुमार ने गीत-संगीत के जरिए बच्चों को संविधान पढ़ने और समझने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना भारत को “संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य” घोषित करती है और यही देश की मूल पहचान है। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका रेणु चौधरी, शिक्षक अमित कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में एस.के. पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।