मुजफ्फरपुर जंक्शन से खुल सकती हैं कई बड़ी ट्रेनें, दिल्ली-मुंबई-गोवा के लिए बढ़ सकती है सीधी रेल सेवा
- Post By Admin on May 18 2026
मुजफ्फरपुर : उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है। अमृत भारत योजना के तहत मुजफ्फरपुर जंक्शन के तेजी से हो रहे पुनर्निर्माण के बीच अब कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन मुजफ्फरपुर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। रेलवे ने पटना से नई दिल्ली जाने वाली 12393/94 बिहार संपूर्ण क्रांति सुपरफास्ट, 12142/41 पाटलिपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट, 12742/41 पटना-वॉस्को द गामा सुपरफास्ट और 11402 सुपौल-पुणे एक्सप्रेस को मुजफ्फरपुर तक विस्तारित करने को लेकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर इन ट्रेनों के परिचालन को लेकर जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही रिपोर्ट जोन को भेजी जाएगी। पूर्व मध्य रेलवे के ऑपरेटिंग विभाग ने पटना, पाटलिपुत्र और सुपौल से चलने वाली इन ट्रेनों के विस्तार की योजना तैयार की है। यदि योजना पर मुहर लगती है तो उत्तर बिहार के लाखों यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, पुणे और गोवा के लिए बड़ी राहत मिलेगी। अमृत भारत योजना के तहत मुजफ्फरपुर जंक्शन का कायाकल्प किया जा रहा है। स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाने हैं, वहीं वाशिंग पिट को भी आधुनिक बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ने के बाद ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होगा और नई ट्रेनों को यहां से चलाना आसान होगा।
फिलहाल मुजफ्फरपुर से मुंबई और बांद्रा के लिए केवल एक-एक ट्रेन उपलब्ध है, जबकि गोवा के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। ऐसे में पटना-वॉस्को द गामा सुपरफास्ट का विस्तार होने पर यात्रियों को पहली बार गोवा के लिए सीधी रेल सेवा मिल सकती है। वहीं, ट्रेनों के मुजफ्फरपुर तक विस्तार से पटना जंक्शन पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी। हालांकि ट्रेनों की संख्या बढ़ाने से पहले रेलवे को तकनीकी व्यवस्थाओं को भी मजबूत करना होगा। वर्तमान में मुजफ्फरपुर में दो वाशिंग पिट हैं, जिनमें एक फुल लेंथ और दूसरा छोटा है। अधिकारियों का कहना है कि 24 बोगियों वाली ट्रेनों के एक साथ मेंटनेंस के लिए वाशिंग पिट की लंबाई बढ़ानी पड़ेगी। एक ट्रेन के प्राइमरी मेंटनेंस में करीब सात घंटे का समय लगता है। इधर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी रेलवे सख्त नजर आ रहा है। पूर्व मध्य रेल के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने सभी स्टेशनों के फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश जारी किया है। औचक निरीक्षण के दौरान कई स्टेशनों पर आग से बचाव के इंतजामों में भारी लापरवाही मिली थी। कई जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर गलत तरीके से रखे पाए गए।
मंडल स्तर पर सेफ्टी, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो करीब पंद्रह दिनों में अपनी रिपोर्ट जोन को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि अप्रैल महीने में मुजफ्फरपुर जंक्शन के पीआरएस और प्लेटफॉर्म स्थित टीवी सर्वर रूम में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि दोनों ही मामलों में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था।