JPSC-JSSC आंदोलन पर सरकार से छात्रों की हुई वार्ता, विधानसभा घेराव की चेतावनी बरकरार

  • Post By Admin on Aug 08 2026
JPSC-JSSC आंदोलन पर सरकार से छात्रों की हुई वार्ता, विधानसभा घेराव की चेतावनी बरकरार

रांची : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुल गया है। शुक्रवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के मंत्रियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई, जिसमें छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं। सरकार की आपत्ति के बाद छात्रों द्वारा गठित 11 सदस्यीय वार्ता समिति से तीन गैर-छात्र सदस्यों को हटाया गया। इसके बाद शाम करीब 7:50 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता शुरू हुई। बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह समेत अन्य मंत्री शामिल हुए। वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

छात्र प्रतिनिधि रविंद्र पासवान ने बताया कि आंदोलनकारियों ने अपना मांग-पत्र सरकार को सौंप दिया है। मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल वर्तमान छात्रों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता समाप्त होने के बाद मंत्रीमंडल के सदस्य सीधे कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूरी जानकारी दी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि छात्रों ने जेपीएससी से जुड़े कुछ तकनीकी मुद्दे भी उठाए हैं, जिन्हें लिखित रूप में देने को कहा गया है। सरकार दूसरे दौर की वार्ता की संभावना पर भी विचार कर रही है।

इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की हर समस्या को गंभीरता से समझना चाहती है और उनके सुझावों का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों को अपनी बात रखने के लिए सभी आवश्यक मंच उपलब्ध कराए हैं तथा सरकार का दरवाजा हमेशा खुला है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं और छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने तथा भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केवल रांची ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी जिलों के छात्रों, युवाओं, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि व्यापक और समावेशी समाधान तैयार किया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारों और सकारात्मक बदलावों की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

छात्र आंदोलन और सरकार के बीच शुरू हुई वार्ता को गतिरोध समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, हालांकि आंदोलनकारी फिलहाल अपनी मांगों पर स्पष्ट निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।