एनआरसी बैठक में खुलासा, 2210 अतिकुपोषित बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी

  • Post By Admin on Feb 17 2026
एनआरसी बैठक में खुलासा, 2210 अतिकुपोषित बच्चों की सूची स्वास्थ्य विभाग को मिलेगी

लखीसराय: सदर अस्पताल लखीसराय के सभागार में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य अतिकुपोषित बच्चों की पहचान, भर्ती और उपचार संबंधी प्रगति का आकलन करना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।

समीक्षा के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला योजना समन्वयक ने पॉवर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से एनआरसी में अतिकुपोषित बच्चों की भर्ती उपलब्धि और प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 139 अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया। प्रखंडवार उपलब्धि में सूर्यगढ़ा से 31, बड़हिया से 8, लखीसराय सदर से 24, हलसी से 39, रामगढ़ चौक से 28, चानन से 8 तथा पिपरिया से 1 बच्चे की भर्ती दर्ज की गई। अधिकारियों ने उपलब्धि को संतोषजनक बताते हुए इसमें और सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में समाज कल्याण विभाग की ओर से उपस्थित जिला समन्वयक (आईसीडीएस) कन्हैया कुमार ने जानकारी दी कि आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा जिले में कुल 2210 अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि प्रखंडवार सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पात्र बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने की प्रक्रिया में सहूलियत होगी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यदि क्षेत्र स्तर पर तत्परता और निरंतरता के साथ कार्य किया जाए तो अतिकुपोषित बच्चों की शत-प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम को भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने की बात कही।

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसे परिवारों को विशेष रूप से जागरूक किया जाए, जो अन्य कारणों से बच्चों को एनआरसी लाने में असहजता जताते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और पोषण प्रबंधन से बच्चों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है और भविष्य की जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है। बैठक में सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायक तथा प्रखंड स्तरीय सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित रहे।