बिहार में बाढ़ का विकराल रूप, 18 जिलों में 6.65 लाख लोग प्रभावित
- Post By Admin on Sep 05 2026
पटना : बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है, जहां 18 जिलों में नदियों का पानी फैलने से 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। राजधानी पटना में गंगा और पुनपुन नदियां लगातार उफान पर हैं, जबकि उत्तर बिहार की नदियां भी लाल निशान पार कर विकराल रूप ले चुकी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत कार्य के लिए प्रशासन ने 693 सरकारी नावें तैनात कर दी हैं।
पटना से सटे इलाकों में पुनपुन नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 28 सेंटीमीटर बढ़कर 53.16 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.57 मीटर अधिक है। नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने 1976 की बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं, जब इसका स्तर 91 मीटर पहुंच गया था। पुनपुन के साथ इसकी सहायक नदी दरधा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे पुनपुन प्रखंड के कई गांवों का संपर्क टूट चुका है। रिंग बांध में रिसाव की सूचना के बाद जल संसाधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि दोनों नदियों का बायां तटबंध पटना शहर की ओर होने के कारण किसी भी रिसाव से सीधे शहर के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
गंगा नदी राज्य के सात प्रमुख गेज केंद्रों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी पटना के गांधी घाट पर लाल निशान से 178 सेंटीमीटर, हाथीदह में 153 सेंटीमीटर और दीघा में 127 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई है। इसके अलावा कहलगांव में गंगा 82 सेंटीमीटर, भागलपुर में 32 सेंटीमीटर, बक्सर में 19 सेंटीमीटर और मुंगेर में 9 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भागलपुर में नदी 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है, जिससे राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर भारी दबाव बना हुआ है। निगरानी के लिए पटना मुख्यालय से इंजीनियरों की एक टीम भेजी गई है। वहीं इंद्रपुरी बराज से शुक्रवार को 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सोन नदी का दबाव भी बढ़ गया है।
उत्तर बिहार की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां उफान पर हैं। कोसी नदी खगड़िया के बलतारा में खतरे के निशान से 124 सेंटीमीटर और कटिहार के कुरसेला में 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बूढ़ी गंडक खगड़िया में 111 सेंटीमीटर, गंडक गोपालगंज के डुमरिया में 75 सेंटीमीटर व हाजीपुर में 9 सेंटीमीटर, और घाघरा नदी सीवान के दरौली में खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई है।
निचले इलाकों में पानी फैलने से कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। खगड़िया में सबसे अधिक 85,000 लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि मुंगेर में 38,000, कटिहार में 36,000, अरवल में 32,000, बेगूसराय में 21,700, समस्तीपुर में 11,800 और बक्सर में 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मरम्मत कार्य किया जा सके।