पटना में ‘उफ्फ कोलकाता’ का मंचन, रहस्य-रोमांच और प्रेम की कहानी ने दर्शकों को बांधा
- Post By Admin on Aug 23 2026
पटना: “RAAGA” Repertory, Patna की ओर से सत्य व्यास के चर्चित उपन्यास ‘उफ्फ कोलकाता’ पर आधारित नाटक ‘उफ्फ कोलकाता’ की प्रस्तुति की जा रही है। कला, शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय RAAGA Repertory की इस प्रस्तुति में रहस्य, रोमांच, रोमांस और हास्य-विनोद के माध्यम से जीवन के विभिन्न पहलुओं को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया गया है।
नाटक की प्रस्तुति का संकलन सुनील कुमार राम, आदिल रशीद एवं अंजलि शर्मा ने किया है, जबकि रणधीर कुमार इसके मार्गदर्शक और अंजलि शर्मा निर्देशक हैं। ‘उफ्फ कोलकाता’ की कहानी छात्र जीवन, प्रेम, रहस्य और भय के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कथा में तीन लॉ के विद्यार्थी एक ऐसी अबूझ पहेली में उलझते हैं, जहां दिखाई देने वाली घटनाओं के पीछे छिपे सच को समझना लगातार मुश्किल होता जाता है। तमलुक स्टेशन से कोलाघाट तक की घटनाओं के बीच अदृश्य आकृति, सम्मोहन और देह प्रवेश जैसी रहस्यमयी परिस्थितियां कहानी को रोमांचक मोड़ देती हैं। नाटक में यह सवाल लगातार सामने आता है कि आंखों से दिखाई देने वाला ही सत्य है या उस सत्य की कई और परतें भी हैं। प्रेम और भय के बीच चलने वाली कहानी में हॉस्टल कभी दंगल तो कभी अमंगल का रूप लेता दिखाई देता है। रहस्य और प्रतिशोध के बीच पात्रों का संघर्ष कहानी को आगे बढ़ाता है। कथानक में जहां एक ओर भय और रहस्य का माहौल है, वहीं हास्य-विनोद कहानी को सहज बनाए रखता है। प्रेम, मुक्ति और समाधान की तलाश के बीच इतिहास और वर्तमान का मेल कहानी को एक अलग दिशा देता है। नाटक यह संदेश भी देता है कि सफलता प्रयास पर निर्भर करती है और प्रेम हो या मुक्ति, प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
मंच पर सुनील कुमार राम, आदिल रशीद, प्रियांशी, सुन्दरम राज, कुनाल कुमार, शिवम् कुमार, भानु प्रताप सिंह एवं सुभम दुबे अभिनय कर रहे हैं। मंच के पीछे उपन्यासकार सत्य व्यास, प्रस्तुति संकलन में सुनील कुमार राम, आदिल रशीद एवं अंजलि शर्मा, प्रोडक्शन डिजाइन में रणधीर कुमार और मल्टीमीडिया में विशाला आर. महाले की भूमिका है। संगीत संतोष कुमार सिंह (सैंडी) ने दिया है। मंच परिकल्पना विशाला आर. महाले की है, जबकि मंच निर्माण की जिम्मेदारी सुनील कुमार शर्मा ने संभाली है। मंच निर्माण में अजय शर्मा, रामनाथ, दिलीप, अभिनयन एवं विनय कुमार ने सहयोग किया है। प्रकाश व्यवस्था राजीव कुमार की है, जिसमें शौर्य प्रकाश का सहयोग रहा। वस्त्र परिकल्पना अंजलि शर्मा एवं प्रियांशी ने की है, जबकि रूपसज्जा विनय राज ने संभाली है। मंच प्रबंधक भूपेंद्र कुमार हैं और निवेदक कुमार अभिषेक हैं। नाटक के मार्गदर्शक रणधीर कुमार और निर्देशक अंजलि शर्मा हैं। आयोजन से जुड़े लोगों ने बिहार आर्ट थिएटर, प्रकाश कंपनी तथा पटना ऑडियो-विजुअल के पंकज जी के प्रति आभार व्यक्त किया है।