सावन के प्रथम सोमवार और राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जयंती पर बरगद का पौधारोपण
- Post By Admin on Aug 03 2026
लखीसराय: सावन माह के प्रथम सोमवार एवं राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर सोमवार को लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत शिवनगर, लोसघानी पंचायत (अभयपुर) में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में देव वृक्ष बरगद का पौधारोपण किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व संत कुमार ने किया, जबकि पर्यावरणविद् नवीन निराला ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक, पर्यावरण भारती के संस्थापक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की आराधना वास्तव में प्रकृति और पर्यावरण की पूजा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव ने मानव कल्याण के लिए सावन माह में विषपान किया था, इसलिए इस महीने में शिवभक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र, भांग और अन्य प्राकृतिक सामग्री अर्पित कर उनकी पूजा करते हैं।
उन्होंने बताया कि बिल्व वृक्ष को पृथ्वी पर कल्पवृक्ष का दर्जा प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके तीन पत्ते ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माने जाते हैं तथा बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। राम बिलास शाण्डिल्य ने भगवान शिव को प्रकृति और पर्यावरण का देवता बताते हुए कहा कि उनके स्वरूप में प्रकृति संरक्षण का गहरा संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर है, वे नाग, धतूरा, भांग और बेलपत्र जैसे प्राकृतिक तत्वों से जुड़े हैं तथा सादगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के जीवन और साहित्यिक योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने बताया कि 3 अगस्त 1886 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव में जन्मे मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा दी। उनकी प्रसिद्ध कृति 'भारत-भारती' ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत की। महात्मा गांधी ने उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि दी थी। वर्ष 1952 में वे राज्यसभा के सदस्य बने तथा 1954 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रकवि की जयंती और सावन के पावन अवसर पर बरगद जैसे देव वृक्ष का पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल है। कार्यक्रम में संत कुमार, नवीन निराला, राम बिलास शाण्डिल्य, सोनी गुप्ता, आयुष कुमार, पीयूष कुमार, बिट्टू कुमार, शिवम पटेल सहित अन्य लोगों ने भाग लेकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।