स्वामी विवेकानंद जयंती पर पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
- Post By Admin on Jan 12 2026
लखीसराय : स्वामी विवेकानंद जयंती तथा ख्यातिप्राप्त चिकित्सक डॉ. उदय कान्त के पुण्य स्मरण के अवसर पर सोमवार को दुर्गा मंदिर परिसर, पीरी बाजार (अभयपुर, सूर्यगढ़ा) में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देव वृक्ष पीपल के दो पौधे रोपे गए। कार्यक्रम का नेतृत्व सुमित कुमार ने किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों की ओर इशारा करते हुए बताया गया कि युद्ध, आगजनी और औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में वृक्षारोपण ही भविष्य की सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकता है।
पर्यावरण भारती के संस्थापक एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि जल और वृक्ष दोनों मानव जीवन के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में पीने योग्य पानी के लिए संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के बिना सृष्टि की कल्पना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से निरंतर वृक्षारोपण अभियान चला रहा है और अब तक 1,22,983 पौधे लगाए जा चुके हैं। संगठन का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को इस अभियान से जोड़ना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सके।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती पर पौधारोपण करना उनके विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है। वहीं डॉ. उदय कान्त की स्मृति में पीपल का पौधा लगाना भी एक पुनीत कार्य बताया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम में श्रीमती पिंकी कान्त, उद्भव कान्त, उमेश रंजन, राम बिलास शाण्डिल्य, सुमित कुमार, अमरेंद्र मेहता, यागवल्य, रोहित, विशाल, रौशन, सुनील, सुशील सहित कई लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।