अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर पर्यावरण भारती ने किया पीपल का पौधारोपण, संरक्षण का दिया संदेश
- Post By Admin on Jul 29 2026
लखीसराय: अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस एवं महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर मंगलवार को चानन प्रखंड के इटौन, मननपुर में पर्यावरण भारती की ओर से देव वृक्ष पीपल का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी सुनील कुमार ने किया, जबकि रणजीत महतों और शक्ति महतों ने सहयोग किया।
इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों, वन्यजीवों और पक्षियों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पहली बार वर्ष 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित वैश्विक सम्मेलन के बाद मनाया गया था। इसका उद्देश्य बाघों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास जंगलों की रक्षा तथा वन्यजीवों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बाघ स्वस्थ जंगलों और संतुलित पर्यावरण का प्रतीक है। बाघों का अवैध शिकार और जंगलों की अंधाधुंध कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। वर्ष 2022 की बाघ गणना के अनुसार भारत में 3,682 बाघ दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2026 की बाघ गणना जारी है। उन्होंने लोगों से बाघों और जंगलों की सुरक्षा के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि "बाघ बचेंगे तो जंगल बचेंगे और जंगल बचेंगे तो पर्यावरण तथा भविष्य दोनों सुरक्षित रहेंगे।" कार्यक्रम में गुरु पूर्णिमा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास का मूल नाम कृष्ण द्वैपायन था। उन्होंने वेदों का विभाजन एवं विस्तार किया, महाभारत की रचना की तथा 18 पुराणों और ब्रह्मसूत्र का प्रणयन किया। भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का पर्व है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास की जयंती के अवसर पर पीपल जैसे देव वृक्ष का पौधारोपण करना प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में अक्षत राज, सुनील कुमार, रणजीत महतों, शक्ति महतों, राहुल कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, राकेश कुमार, दीपक सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लेकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।