राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में गूंजी काव्य-संवेदना, डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ की प्रस्तुति ने मोहा मन
- Post By Admin on Sep 07 2026
मुजफ्फरपुर: काव्य अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समूह के तत्वावधान में रविवार को नवयुवक समिति सभागार, सरायगंज, मुजफ्फरपुर में भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्यिक गरिमा से परिपूर्ण इस समारोह में विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिष्ठित कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों से सभागार को काव्यरस से सराबोर कर दिया। समारोह का आयोजन संस्थापिका एवं अध्यक्षा प्रसिद्ध कवयित्री-साहित्यकार रेखा शर्मा के निर्देशन तथा डॉ. पुष्पा गुप्ता की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी एवं सरस संचालन कवि राजा जी ने किया। सम्मेलन में साहित्यप्रेमियों और कवियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ वाग्देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना से हुआ। डॉ. सुप्रिया सोनी ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर साहित्यिक संध्या का मंगलारंभ किया। इसके बाद मंच पर उपस्थित कवियों ने क्रमशः अपनी भावपूर्ण एवं सारगर्भित रचनाओं का पाठ किया। कविताओं में सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना, जीवन के विविध अनुभव और समकालीन परिस्थितियों की झलक देखने को मिली। सम्मेलन में प्रमोद नारायण मिश्र, डॉ. सुप्रिया सोनी, वरिष्ठ कवि प्रेम कुमार वर्मा, विजय कुमार कंठ, शैलेन्द्र गौतम, डॉ. पुष्पा गुप्ता सहित हिंदी साहित्य जगत के अनेक रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कवियों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ की काव्य प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी चर्चित रचनाएं ‘मैंने सूरज को देखा है’ एवं ‘गांवों की तस्वीर दिखा दो’ प्रस्तुत कीं। उनकी संवेदनशील अभिव्यक्ति, सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विषयवस्तु और प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं में समाज और ग्रामीण जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की प्रभावी अभिव्यक्ति देखने को मिली।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार में साहित्यिक वातावरण बना रहा। विभिन्न रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ समाज और जीवन से जुड़े विषयों पर चिंतन के लिए भी प्रेरित किया। अंत में सम्मेलन की अध्यक्षा रेखा शर्मा एवं डॉ. पुष्पा गुप्ता ने संयुक्त रूप से सभी अतिथियों, कवियों एवं साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि साहित्य समाज को संवेदना, विचार और सृजनशीलता से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन साहित्य, संवेदना और रचनात्मकता के सुंदर संगम के रूप में यादगार रहा।
✍️ कुमार संदीप