संगीत केंद्रित पुस्तक श्रुतिसमृद्धि का विमोचन, 11 विभूतियों को मिला विंध्याचली स्मृति सम्मान
- Post By Admin on May 16 2026
मुजफ्फरपुर: संगीत एवं साहित्य को समर्पित पुस्तक 'श्रुतिसमृद्धि' का विमोचन पर्लझील स्थित इंद्रकुटीर भवन के सभाकक्ष में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत, शिक्षा एवं समाज सेवा से जुड़े कई क्रांतिकारी लोग उपस्थित रहे।
पुस्तक का विमोचन बेतिया घराने के सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक पंडित अरुण कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संगीत केवल श्रवण की कला नहीं है, बल्कि साधना का माध्यम है और साधना से ही ज्ञान की प्राप्ति होती है। कार्यक्रम की शुरुआत में पुस्तक की लेखिका डॉ. श्रुतिश्रीवीथ ने विषय प्रवेश संरचना में कहा कि सही उम्र में सही संगीत का अभ्यास व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अतिथि अवकाश प्राप्त न्यायाधीश के रूप में निकोलस शर्मा ने पुस्तक के शास्त्रीय दर्शन पर प्रकाश डाला जिसमें ध्वनि, नाद, स्वर और लय जैसे विषयों की चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक युवा संगीत प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। शत्रु शत्रुघ्न प्रसाद ने अपनी भविष्यवाणी में कहा कि विंध्याचली गुरु का पूरा जीवन शिक्षा और समाज सेवा को समर्पित किया जा रहा है। अन्यत्र कार्यक्रम के आयोजक शिक्षक सुधाशंशु शेखर ने स्वागत का स्वागत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन सामूहिक रूप से दीप कृष्णा किया गया।
पुस्तक विमोचन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 11 लोगों को 'विंध्याचली स्मृति सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में पंडित कुमार अरुण मिश्रा, ग्रेड प्रणय कुमार, छुट्टी पाने वाले शिक्षक नरेंद्र कुमार सिंह, छुट्टी पाने वाले शिक्षक कैलाश मिश्रा, छुट्टी पाने वाले शिक्षक गीता सिन्हा और निक कुमारी, शिक्षक सुनैना देवी, संगीतज्ञ पंडित राकेश मिश्रा, लेखक जयचंद्र कुमार जय और सुशील मिश्रा और डायट शिवहर के व्याख्याता डॉक्टर भरत कुमार शामिल रहे। सभी उपाधियों को फ़्रेमयुक्त सम्मान पत्र, शॉल और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।कार्यक्रम का संयोजन एवं मंच संचालन डॉ. सिद्धार्थ कुमार मित्र ने किया, जबकि दस्तावेज़ीकरण वर्गीकृत द्वारा प्रस्तुत किया गया।