बिहार का मशरूम पहाड़ बना आकर्षण का केंद्र, दूर-दूर से पहुंच रहे पर्यटक

  • Post By Admin on May 30 2026
बिहार का मशरूम पहाड़ बना आकर्षण का केंद्र, दूर-दूर से पहुंच रहे पर्यटक

गयाजी : बिहार के गया जिले में स्थित एक अनोखी शिल्पकला इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जेठियां-राजगीर मार्ग पर अराई गांव के पास स्थित मशरूम के आकार का विशाल पत्थर लोगों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। स्थानीय लोग इसे “मशरूम पहाड़” के नाम से जानते हैं। पत्थर को काटकर मशरूम की आकृति देना लोगों को हैरान कर रहा है और इसे देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं।

यह अनोखी संरचना गया जिला मुख्यालय से लगभग 60 से 65 किलोमीटर दूर स्थित है। बताया जाता है कि इस शिलाशि मूर्ति को कछारा गांव के निवासी शौकी राजवंशी और विनोद मांझी ने तैयार किया है। दोनों पहले स्थानीय ठेकेदारों के अधीन पत्थर तराशने का काम करते थे। उन्होंने बिना किसी आधुनिक मशीन के केवल हथौड़ा, छेनी और लोहे की छड़ों जैसे पारंपरिक औजारों की मदद से वर्षों की मेहनत के बाद इस विशाल चट्टान को मशरूम का आकार दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस चट्टान को तोड़ने का काम उन्हें दिया गया था, वह अपनी मजबूती और आकार के कारण काफी कठिन मानी जाती थी। लेकिन दोनों मजदूरों ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत और कलाकारी से उसे एक अनोखी पहचान दे दी।

गांव के लोगों का कहना है कि इस मूर्ति ने कछारा गांव को नई पहचान दिलाई है। पहले यह गांव क्षेत्र के बाहर बहुत कम लोगों को पता था, लेकिन अब इस रास्ते से गुजरने वाले यात्री यहां रुककर मशरूम पहाड़ को देखने और तस्वीरें लेने लगे हैं। धीरे-धीरे यह जगह छोटे पर्यटन स्थल के रूप में उभर रही है। इस कहानी की तुलना बिहार के प्रसिद्ध “पहाड़ पुरुष” दशरथ मांझी की विरासत से भी की जा रही है। दशरथ मांझी ने वर्षों की मेहनत से पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था। स्थानीय लोग मानते हैं कि मशरूम पहाड़ भी बिहार की मेहनत, धैर्य और हस्तशिल्प कला का एक जीवंत उदाहरण है।