33वें स्थापना दिवस पर हरित लखीसराय का संदेश, पर्यावरण भारती ने लगाए देव वृक्ष और शमी के पौधे

  • Post By Admin on Jul 03 2026
33वें स्थापना दिवस पर हरित लखीसराय का संदेश, पर्यावरण भारती ने लगाए देव वृक्ष और शमी के पौधे

लखीसराय : वन महोत्सव एवं लखीसराय जिले के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर चानन प्रखंड के बिछबे गांव में पर्यावरण भारती के तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान देव वृक्ष गूलर के दो, अमरूद के छह तथा शमी के तीन पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी आलोक नाथ ने किया, जबकि पवन कुमार ने पौधारोपण अभियान में सहयोग दिया।

इस अवसर पर पर्यावरण भारती के संस्थापक एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और अंधाधुंध वनों की कटाई के कारण पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि यूरोप के कई देशों में भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्पेन और फ्रांस में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जहां लू के कारण दो हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। फ्रांस में अत्यधिक गर्मी से सड़कें और वाहनों के टायर तक पिघलने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि भारत भी प्राकृतिक आपदाओं से अछूता नहीं है। अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने से आई बाढ़, कर्नाटक में भारी बारिश से हुए भूस्खलन और असम में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इन परिस्थितियों से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है।

राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि वन महोत्सव प्रत्येक वर्ष जुलाई के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1950 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि एवं खाद्य मंत्री डॉ. के. एम. मुंशी ने पर्यावरण संरक्षण और वन संवर्धन के उद्देश्य से की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करना, वनों की कटाई रोकना और अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने लखीसराय जिले के 33वें स्थापना दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि 3 जुलाई 1994 को लखीसराय को मुंगेर जिले से अलग कर स्वतंत्र जिला बनाया गया था। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर पौधारोपण करना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जिले के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। पौधारोपण कार्यक्रम में आलोक नाथ, पवन कुमार, सागर महतो, बादल महतो, राम बिलास शाण्डिल्य, प्रेम प्रकाश, शिक्षक अरविंद कुमार सहित अन्य लोगों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।