बेटियों की शिक्षा से लेकर महिला सशक्तीकरण तक, लाखोचक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम
- Post By Admin on Sep 12 2026
लखीसराय : महिला एवं बाल विकास निगम, लखीसराय की ओर से महिला सशक्तिकरण केंद्र के सहयोग से पीएम श्री आर. लाल चानन प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, लाखोचक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को बालिका शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, बाल विवाह की रोकथाम और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महिला सशक्तिकरण केंद्र के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य बेटियों के अस्तित्व की रक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने छात्राओं से अपनी क्षमताओं को पहचानकर आगे बढ़ने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। घरेलू हिंसा या अन्य किसी तरह की समस्या की स्थिति में महिला हेल्पलाइन नंबर 181 से सहायता लेने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के प्रावधानों से छात्राओं को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत बिहार लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए बेटियों को 50 हजार रुपए तथा संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपए की आर्थिक प्रोत्साहन राशि महिला एवं बाल विकास निगम के माध्यम से दी जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं का लाभ उठाकर बेटियां प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।
लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने बाल विवाह की रोकथाम पर छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति होने के साथ कानूनन अपराध भी है। उन्होंने छात्राओं से बाल विवाह का विरोध करने और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की।विकासार्थ ट्रस्ट के जिला समन्वयक संजय कुमार ने कहा कि कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसका प्रभाव उनके पूरे जीवन पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक के कारावास और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने स्वस्थ और विकसित समाज के निर्माण के लिए बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं और उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई। शक्ति सदन की आवासीय अधीक्षिका निभा कुमारी ने बताया कि भूली-भटकी, बेसहारा या बेघर महिलाएं और किशोरियां शक्ति सदन में आश्रय ले सकती हैं। यहां उन्हें आवास और भोजन के साथ दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है।विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमेश शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमित कुमार, शिक्षक कृष्णमुरारी, गौतम कुमार, प्रीति सिंह, स्वीटी रानी, एमटीएस नवीन्द्र दास सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।