लखीसराय में बाल श्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा, छह बच्चे मुक्त और पांच नियोजकों पर कार्रवाई
- Post By Admin on Sep 12 2026
लखीसराय : जिले में बाल श्रम उन्मूलन और बाल श्रमिकों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार, 12 सितंबर को जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बाल श्रम के खिलाफ अभियान, विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास, नियोजकों पर कार्रवाई, मुआवजा राशि की वसूली और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ लगातार निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न प्रतिष्ठानों, दुकानों और कार्यस्थलों की जांच के दौरान छह बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। इनके नियोजन के मामले में पांच नियोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। संबंधित नियोजकों से छह बाल श्रमिकों के लिए निर्धारित 20 हजार रुपए प्रति बाल श्रमिक की दर से कुल 1.20 लाख रुपए की मुआवजा राशि पुनर्वास-सह-कल्याण कोष में जमा कराई गई है। मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के सत्यापन और पुनर्वास की प्रक्रिया नियमानुसार जारी है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत योजनाओं की समीक्षा में जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि प्राप्त 80 लाख रुपए के आवंटन में से 79.95 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, आवंटन उपलब्ध नहीं होने के कारण 57 पीड़ित लाभार्थियों का भुगतान लंबित है।
बैठक में डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, बिहरोरा की क्षमता से जुड़ी जानकारी भी दी गई। विद्यालय की निर्धारित क्षमता 400 थी, लेकिन उपलब्ध स्थान कम होने के कारण वर्तमान में विभाग की ओर से 250 की क्षमता निर्धारित की गई है। डॉ. आंबेडकर कल्याण छात्रावास, खगौर-किऊल में 100 क्षमता वाले नवनिर्मित छात्रावास का संचालन विद्युत आपूर्ति की समस्या के कारण प्रभावित होने की जानकारी दी गई। इस पर जिला पदाधिकारी ने बिजली विभाग से समन्वय कर विद्युत व्यवस्था जल्द दुरुस्त कराने और छात्रावास का संचालन शीघ्र शुरू कराने का निर्देश दिया।
महादलित टोलों में सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड के निर्माण की भी समीक्षा हुई। इसके लिए स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, लखीसराय को कुल 31 योजनाएं सौंपी गई हैं। इनमें 21 योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, तीन योजनाएं रद्द की गई हैं, एक योजना विवादित है, जबकि शेष योजनाओं पर कार्य प्रक्रिया में है। अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या प्लस-2 उच्च विद्यालय योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 174 छात्राओं का नामांकन कराया गया है। वहीं जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास, किऊल-खगौर में 100 स्वीकृत सीटों के मुकाबले शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 39 छात्रों का नामांकन हुआ है।
जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए नियमित निरीक्षण और छापेमारी अभियान जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, जिला कल्याण पदाधिकारी अश्विनी कुमार चौबे, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, श्रम अधीक्षक संजय कुमार चौधरी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सिविल सर्जन जय प्रकाश सिंह तथा नगर परिषद लखीसराय और बड़हिया के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।