लखीसराय के किसानों को मिलेगा आधुनिक बागवानी का प्रशिक्षण, 25 सदस्यीय दल मालदा रवाना
- Post By Admin on Oct 25 2026
लखीसराय : जिले के किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से आत्मा लखीसराय के तत्वावधान में 25 किसानों के दल को चार दिवसीय आवासीय कृषक परिभ्रमण कार्यक्रम के लिए मालदा रवाना किया गया। यह कार्यक्रम 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। इसमें किसानों को आम की बागवानी के बेहतर प्रबंधन और कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘आम बागवानी प्रबंधन एवं मूल्यवर्धन’ रखा गया है। परिभ्रमण के दौरान किसानों को आम सहित अन्य बागवानी फसलों के वैज्ञानिक रख-रखाव, कीट एवं रोग नियंत्रण, उत्पादन तकनीक तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों से परिचित कराना है, ताकि वे अपनी फसलों का बेहतर प्रबंधन कर सकें। तकनीकी जानकारी के उपयोग से उत्पादन लागत कम करने, उपज की गुणवत्ता सुधारने और कृषि उत्पादों का बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा अन्य विकल्प अपनाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
किसानों को खेतों में तकनीक अपनाने की सलाह
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा लखीसराय कुंदन कुमार ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने परिभ्रमण कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने और प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी को अपने खेतों में लागू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों से सीखी गई तकनीकों को दूसरे किसानों के साथ भी साझा करने की अपील की, ताकि जिले में आधुनिक बागवानी पद्धतियों का प्रसार हो सके।
मार्गदर्शन के लिए नामित किए गए नोडल अधिकारी
परिभ्रमण कार्यक्रम के सुचारु संचालन और किसानों को आवश्यक सहयोग देने के लिए दो सहायक तकनीकी प्रबंधकों को नोडल के रूप में नामित किया गया है। ये दोनों अधिकारी पूरे कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ रहेंगे और प्रशिक्षण संबंधी समन्वय तथा मार्गदर्शन की जिम्मेदारी संभालेंगे। आत्मा लखीसराय की यह पहल जिले में आधुनिक बागवानी तकनीकों को बढ़ावा देने, किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।