लखीसराय में ड्रोन तकनीक से होगी धान की फसल की सुरक्षा, किसानों को मिलेगी सब्सिडी

  • Post By Admin on Oct 25 2026
लखीसराय में ड्रोन तकनीक से होगी धान की फसल की सुरक्षा, किसानों को मिलेगी सब्सिडी

लखीसराय : खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों को कम लागत में फसल सुरक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से ड्रोन तकनीक से छिड़काव योजना चलाई जा रही है। पौधा संरक्षण संभाग, लखीसराय के माध्यम से संचालित इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक की पहुंच बढ़ाना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 3,675 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के तहत चानन प्रखंड की जानकीडीह, कछुआ और महजनवां पंचायतों में धान की फसल को कीटों और रोगों से बचाने के लिए ड्रोन के माध्यम से छिड़काव किया जा रहा है। फसल की अवस्था, कीट-व्याधि की पहचान और कृषि विभाग की अनुशंसाओं के आधार पर पौधा संरक्षण के उपाय अपनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य फसल में लगने वाले फॉल्स स्मट, पीला तना छेदक और भूरा तना मधुआ जैसी समस्याओं का प्रबंधन करना है।

तीन पंचायतों के किसानों को मिल रहा लाभ

ड्रोन से छिड़काव की पहल को लेकर स्थानीय किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। जानकीडीह पंचायत के ऋषिदेव कुमार, ज्ञानदेव बिंद और महेश बिंद, कछुआ पंचायत के ब्रह्मदेव कोढ़ा, सनोज कोढ़ा और पप्पू कोढ़ा तथा महजनवां पंचायत के बजरंगी कोढ़ा और सीताराम कोढ़ा इस योजना के लाभुक किसानों में शामिल हैं। किसानों ने आधुनिक तकनीक से छिड़काव को लेकर खुशी और संतोष जताया है।

छिड़काव की लागत पर 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान

सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, लखीसराय अंकित आनंद के अनुसार, ड्रोन से छिड़काव की निर्धारित लागत 419 रुपए प्रति एकड़ है। इस पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को लगभग 210 रुपए प्रति एकड़ का भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि का वहन सरकार अनुदान के रूप में करेगी। योजना के प्रावधानों के अनुसार जैविक एवं रासायनिक तरल उर्वरक, फफूंदनाशी, कीटनाशी, खरपतवारनाशी और अन्य निर्दिष्ट कृषि रसायनों पर अधिकतम 200 रुपए प्रति एकड़ की अतिरिक्त छूट का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ क्षेत्र के लिए आवेदन कर सकता है।

ऑनलाइन आवेदन से मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान बिहार सरकार के कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल के माध्यम से स्व-घोषणा पत्र भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिया जा रहा है। किसानों को आवेदन करने से पहले पात्रता, अनुदान और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त करने की सलाह दी गई है। सहायक निदेशक अंकित आनंद ने बताया कि छोटे एवं सीमांत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाना इस योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इससे किसानों को फसल सुरक्षा के आधुनिक उपाय अपनाने, खेती की लागत को नियंत्रित करने और आय बढ़ाने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

पौधा संरक्षण संभाग का प्रयास है कि ड्रोन तकनीक का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े किसानों तक पहुंचे और उन्हें आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा सके।