संचालन घंटे और बिल में भारी अंतर, सदर अस्पताल में भुगतान विसंगति पर सवाल
- Post By Admin on Feb 15 2026
लखीसराय: सदर अस्पताल में जनरेटर संचालन से अधिक बिल भुगतान का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 200 केवीए के स्थान पर 100 केवीए जनरेटर संचालन, लॉगबुक संधारण में कथित लापरवाही और बिल में विसंगतियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी स्पष्टीकरण का जवाब संबंधित एजेंसी की ओर से अब तक नहीं दिया गया है।
अस्पताल प्रबंधन ने 10 फरवरी को जनरेटर एजेंसी को लिखित स्पष्टीकरण जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया था। हालांकि, पांच दिन बीतने के बाद भी एजेंसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन रिमाइंडर जारी करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। मामला उस समय चर्चा में आया जब बिजली कटौती के निर्धारित 151 घंटों के मुकाबले एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) में 157 घंटे जनरेटर संचालन दर्ज होने की जानकारी सामने आई, जबकि एजेंसी द्वारा 977 घंटे जनरेटर संचालन का बिल प्रस्तुत किया गया। इन आंकड़ों में भारी अंतर ने पूरे प्रकरण को संदिग्ध बना दिया है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि यदि लॉगबुक का नियमित और पारदर्शी संधारण किया गया होता तो वास्तविक संचालन घंटों की स्पष्ट तस्वीर सामने आती। लेकिन लॉगबुक में हस्ताक्षर और विवरण के अभाव ने संदेह को और गहरा कर दिया है। मामले के सार्वजनिक होने के बावजूद अब तक स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक जांच प्रारंभ नहीं की गई है। इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं कि कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बावजूद जांच प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है।
डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को एजेंसी संचालक को पुनः स्पष्टीकरण का रिमाइंडर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी जवाब प्राप्त नहीं होता है तो एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई हेतु वरीय पदाधिकारी को अनुशंसा की जाएगी। फिलहाल, जनरेटर बिल और संचालन घंटों में कथित अंतर का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।