​'प्रयत्न' का राष्ट्रीय वेबिनार: हिन्दी को जन-जन की भाषा बनाने का आह्वान

  • Post By Admin on Sep 17 2026
​'प्रयत्न' का राष्ट्रीय वेबिनार: हिन्दी को जन-जन की भाषा बनाने का आह्वान

मुजफ्फरपुर : सामाजिक संस्था ‘प्रयत्न’ के तत्वावधान में हिन्दी पखवाड़ा के उपलक्ष्य में “हिन्दी का वैशिष्ट्य : राष्ट्रीय अस्मिता एवं वैज्ञानिकता के परिप्रेक्ष्य में” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में देश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षाविदों, समाजसेवियों, शोधार्थियों और हिन्दी प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

वेबिनार में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. सतीश चंद्र पटेल ने विचार रखते हुए हिन्दी को भारत की समृद्ध और पुरातन सांस्कृतिक विरासत का सेतु बताया। उन्होंने कबीरदास, गोस्वामी तुलसीदास, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र और जयशंकर प्रसाद जैसे युगद्रष्टा साहित्यकारों का स्मरण करते हुए स्पष्ट किया कि हिन्दी साहित्य ने सदैव रूढ़िवादिता और सामाजिक विसंगतियों पर करारा प्रहार किया है तथा भारतीय जीवन-मूल्यों को जनसाधारण तक पहुँचाने में पथप्रदर्शक का कार्य किया है। उन्होंने वर्तमान युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक संवाद, अध्ययन और कार्यशैली में हिन्दी को प्राथमिकता दें, ताकि यह लोकभाषा के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इसी महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक प्रो. सतीश कुमार आर्य ने कहा कि हिन्दी केवल अभिव्यक्ति का साधन भर नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का मूल आधार है।

समारोह के आरंभ में ‘प्रयत्न’ संस्था के संस्थापक प्रभात कुमार ने सभी गणमान्य वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा अंत में मुख्य वक्ता प्रो. पटेल एवं अध्यक्ष प्रो. आर्य को संस्था की ओर से स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। परिचर्चा के समापन सत्र में पूर्व जेल अधीक्षक देवेन्द्र कुमार ने सभी अतिथियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन किया। इस आयोजन को सुचारु व सफल बनाने में अमित चंद्र चौधरी, अनिमेष आनंद, रजनीश झा, अनामिका कुमारी, दीपक, विवेक कुमार सिंह और शिव कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।