लखीसराय में हरित ऊर्जा अभियान की शुरुआत, 10 घरों पर लगे सौर ऊर्जा संयंत्र
- Post By Admin on Jun 14 2026
लखीसराय : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लखीसराय जिले में कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना के प्रथम चरण में रामगढ़ चौक प्रखंड के 10 लाभुकों के घरों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का कार्य रविवार से शुरू हो गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
इस अवसर पर समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने की। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सुमित सौरभ सहित कई पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। योजना के तहत रामगढ़ चौक प्रखंड के बड़हारा गांव सहित विभिन्न क्षेत्रों के 10 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इससे लाभुकों को मुफ्त बिजली उपलब्ध होगी और उनके बिजली खर्च में कमी आएगी।
जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने बड़हारा निवासी रामचंद्र पासवान के घर स्थापित किए जा रहे सौर ऊर्जा संयंत्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा नई सरकार के 60 दिन पूरे होने के अवसर पर राज्यभर में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई है। योजना के अंतर्गत लगभग 1512 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी 1278 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और कार्यारंभ भी किया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि सरकार गरीब परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि उन्हें बिजली खर्च से राहत मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।