प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का आधे घंटे का धरना शुरू

  • Post By Admin on Aug 11 2026
प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का आधे घंटे का धरना शुरू

मुजफ्फरपुर : प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार से बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय विभागों, कार्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षक एवं कर्मचारी आधे घंटे के धरना-प्रदर्शन पर बैठे।

संघर्ष मोर्चा द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण के तहत 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक अपने-अपने कार्यस्थल पर विरोध-प्रदर्शन करने का कार्यक्रम तय किया गया है। पहले दिन विश्वविद्यालय कार्यालय, विभिन्न विभागों और महाविद्यालयों में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी एकत्रित हुए और प्रस्तावित विधेयक के विरोध में नारेबाजी कर एकजुटता का प्रदर्शन किया।आंदोलनकारी शिक्षक-कर्मचारियों का कहना है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वतंत्र कार्यप्रणाली के लिए चुनौती बताया।

बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा, श्री राजीव कुमार और श्री राम कुमार ने आंदोलन के तीसरे चरण की शुरुआत को सफल बनाने के लिए शिक्षक-कर्मचारियों का आभार जताया। नेताओं ने कहा कि राज्य स्तरीय संघर्षात्मक कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को निरंतर एकजुट और सजग रहने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि व्यापक विरोध के माध्यम से प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक को लागू होने से रोका जाएगा।

संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन के चौथे चरण की भी जानकारी दी। इसके तहत आगामी 5 सितंबर 2026, शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्रों के बीच प्रस्तावित विधेयक के संभावित दुष्प्रभावों को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और संस्थागत अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।