मोरारी बापू की श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ, भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु

  • Post By Admin on Jan 03 2026
मोरारी बापू की श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ, भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु

लखीसराय : जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल अशोक धाम मंदिर में सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री मोरारी बापू की श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। शुभारंभ के अवसर पर मंदिर परिसर रामभक्ति से सराबोर दिखा, जहां दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार एवं अन्य मंचासीन पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीराम कथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की आधारशिला है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्री मोरारी बापू जैसे संत के मुख से रामकथा का श्रवण करना सौभाग्य की बात है और ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं नैतिक चेतना का विस्तार होता है। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने कहा कि अशोक धाम मंदिर न केवल लखीसराय बल्कि पूरे बिहार में आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रीराम कथा के आयोजन से जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर श्री रवि राज पटेल ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि रामकथा मानव जीवन को सदाचार, करुणा और सेवा भाव से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

श्री मोरारी बापू की श्रीराम कथा का आयोजन 03 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। प्रथम दिन ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को दर्शा दिया। कथा के दौरान मोरारी बापू की ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।

जिला प्रशासन ने बताया कि कथा आयोजन अवधि के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में रामकथा का श्रवण कर सकें।