कैंसर से सुरक्षा कवच बना गार्डाशील वैक्सीन, स्वास्थ्य विभाग ने भ्रांतियों को बताया निराधार
- Post By Admin on May 12 2026
लखीसराय: जिले में किशोरियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए गार्डाशील वैक्सीन अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। अब तक जिले की 4114 किशोरियों को यह वैक्सीन दी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया कि गार्डाशील एक एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन है, जो कैंसर पैदा करने वाले वायरस के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है। यह मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव के लिए लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को यह वैक्सीन सिंगल डोज के रूप में दी जा रही है, क्योंकि यही उम्र वायरस के संपर्क में आने से पहले सुरक्षा प्रदान करने के लिए सबसे प्रभावी मानी जाती है। डॉ. भारती ने कहा कि समाज में इस वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। कुछ लोग इसे भविष्य में गर्भधारण से जोड़कर गलत जानकारी फैला रहे हैं, जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैक्सीन के बाद किसी प्रकार का दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है।
लखीसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया कि एचपीवी वायरस यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है और इसके कुछ प्रकार जननांगों में मस्से एवं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में शरीर वायरस को खुद खत्म कर देता है, लेकिन अगर वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रहे तो यह कैंसर का कारण बन सकता है। ऐसे में गार्डाशील वैक्सीन इस बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें और किशोरियों को समय पर वैक्सीन अवश्य दिलवाएं, ताकि उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।