अपना महोत्सव के समापन पर कौआ हकनी की गूंज, लोक संस्कृति से सराबोर रही प्रेमचंद रंगशाला
- Post By Admin on Feb 25 2026
पटना: रंगसृष्टि, पटना द्वारा आयोजित तीन दिवसीय लोक नाट्य महोत्सव “अपना महोत्सव – 2025-26” का तृतीय दिवस 25 फरवरी 2026 को कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नीलेश्वर मिश्रा तथा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कृति आलोक उपस्थित रहे।
महोत्सव के अंतिम दिन प्रेमचंद रंगशाला के वाह्य परिसर में दो सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं। प्रथम प्रस्तुति में शिल्पी कुमारी एवं दल ने पारंपरिक लोकनृत्य “डोमकच” से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात अनन्या प्रकाश एवं दल द्वारा लोकगायन की प्रस्तुति दी गई, जिसे श्रोताओं ने सराहा। तृतीय दिवस की मंचीय प्रस्तुति में नाट्य संस्था जय माँ दुर्गा विदेशिया नाच पार्टी, मुजफ्फरपुर द्वारा लोकनाट्य “कौआ हकनी” का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन अजय कुमार ने किया। प्रस्तुति ने लोकसंस्कृति, भावनात्मक कथानक और सामाजिक संदेश के समन्वय से दर्शकों को गहरे तक प्रभावित किया।
नाटक का कथासार एक पूर्व पटरानी की मार्मिक कथा पर आधारित रहा, जिसे षड्यंत्र के तहत राजमहल से निष्कासित कर “कौआ हकनी” बना दिया जाता है। ईर्ष्या, छल और अन्याय के बीच जन्मे जुड़वा बच्चों की त्रासदी तथा अंततः सत्य के उद्घाटन की कथा ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कथा में लोककाव्यात्मक संवाद, संगीत और प्रतीकात्मक दृश्यों के माध्यम से न्याय, मातृत्व और सत्य की विजय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की सशक्त अभिनय शैली, पारंपरिक संगीत संयोजन और लोकभाषा के प्रयोग ने प्रस्तुति को विशेष बना दिया। दर्शकों ने नाटक के भाव, संगीत और संदेश को खूब सराहा। पात्र परिचय में टीम लीडर अजय कुमार, निर्देशक पवन पासवान, संगीत सहयोग में पवन कुमार पासवान (हरमुनियम), सत्य नारायण पासवान (ऑर्गन), रमेश दास (ढोलक), महेश्वर साहनी (नगरा) सहित अन्य कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं से प्रस्तुति को जीवंत बनाया।
महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा लोकनाट्य और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर बल दिया।