पीडीएस नियुक्तियों की जांच में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
- Post By Admin on Jun 15 2026
लखीसराय : जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की नई नियुक्तियों से संबंधित आवेदन पत्रों की जांच में अनियमितता बरते जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की समीक्षा के बाद चार वर्तमान एवं तत्कालीन आपूर्ति अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार पीडीएस की नई नियुक्तियों से जुड़े आवेदन पत्रों की जांच में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों के आधार पर प्रखंड आपूर्ति निरीक्षक रामगढ़ चौक सुश्री अंकिता, तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति निरीक्षक बड़हिया एवं वर्तमान में नवाकोठी (पूर्णिया) में पदस्थापित श्री शौर्य सिन्हा, तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पिपरिया एवं वर्तमान में नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण) में पदस्थापित श्री सुशील प्रताप सिंह तथा तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सूर्यगढ़ा एवं वर्तमान में धमदाहा (पूर्णिया) में पदस्थापित श्री अमित कुमार पाठक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला पदाधिकारी द्वारा कराई गई समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कई मामलों में आवेदन पत्रों की जांच निर्धारित दिशा-निर्देशों और पारदर्शी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं की गई। कुछ शिकायतों का निष्पादन केवल औपचारिक रूप से कर दिया गया, जबकि आवेदकों द्वारा लगाए गए आरोपों की समुचित जांच नहीं की गई। कई जांच प्रतिवेदनों में पर्याप्त साक्ष्य और स्पष्ट निष्कर्षों का भी अभाव पाया गया। विशेष रूप से बड़हिया और पिपरिया प्रखंडों से संबंधित जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा के दौरान कई पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्रों में पीडीएस नियुक्तियों से जुड़ी आपत्तियों के निष्पादन में अपेक्षित निष्पक्षता और सावधानी नहीं बरते जाने की बात सामने आई। कुछ मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों को लाभ पहुंचाने, निवास एवं पात्रता संबंधी तथ्यों की समुचित जांच नहीं करने तथा शिकायतकर्ताओं के आरोपों पर स्पष्ट निर्णय नहीं दिए जाने को लेकर जिला पदाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि जन वितरण प्रणाली गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसलिए इसकी नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, पक्षपात या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में त्रुटियां पाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों को असंतोषजनक माना गया है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी आपत्तियों और शिकायतों की पुनः निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं साक्ष्य आधारित जांच कराई जाए तथा प्रत्येक मामले में स्पष्ट और तर्कसंगत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
इसके साथ ही पीडीएस की नई नियुक्तियों से जुड़े सभी लंबित मामलों का निष्पादन विभागीय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर जानबूझकर तथ्यों की अनदेखी या गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों के हितों की रक्षा और जन वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा नियुक्ति प्रक्रिया की सतत निगरानी की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।