चानन से शुरू हुआ ‘रसायनमुक्त खेती’ अभियान, जैविक कृषि को बढ़ावा देने की पहल

  • Post By Admin on Jul 08 2026
चानन से शुरू हुआ ‘रसायनमुक्त खेती’ अभियान, जैविक कृषि को बढ़ावा देने की पहल

लखीसराय : चानन प्रखंड की संग्रामपुर पंचायत में बुधवार को जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा आदिवासी क्षेत्रों के किसानों को उच्च आय वाले औद्योगिक पौधों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रासायनिक खाद के दुष्प्रभावों से बचाव और प्राकृतिक खेती को अपनाने का संदेश दिया गया। साथ ही ‘रासायनिक खाद्य मुक्त चानन प्रखंड अभियान’ की औपचारिक शुरुआत की गई।

कार्यक्रम के दौरान कछुआ, सतघरवा महाजनवा, चौरा राजपुर और संग्रामपुर सहित विभिन्न राजस्व ग्रामों के किसानों को जैविक खेती के लाभों की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के किसान पारंपरिक और प्राकृतिक खेती से जुड़े रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी एवं अन्य कृषि योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों के किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाए।

उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने ग्रामीणों को सरल भाषा में जैविक खेती की उपयोगिता समझाते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है और किसानों की आय में भी वृद्धि होती है। उनके संबोधन को ग्रामीणों ने सराहा। कृषि विभाग, पटना के बासोका से पहुंचे सहायक निदेशक अवनीश कुमार ने जैविक उत्पादों की गुणवत्ता जांच और मिट्टी परीक्षण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, हलसी के वैज्ञानिक निशांत कुमार ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्रामीणों की स्क्रीनिंग कराई और लोगों को समय पर जांच कराने के लिए जागरूक किया। जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने आदिवासी बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के उद्देश्य से सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि पंचायत की 2.6 किलोमीटर लंबी सड़क का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद सड़क निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कछुआ गांव में सभी अधिकारियों ने नींबू के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अंत में उप विकास आयुक्त ने उपस्थित ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प दिलाया।