बिहार दर्शन योजना से बदलेगी लखीसराय की तस्वीर, छह पर्यटन स्थलों के विकास की तैयारी
- Post By Admin on Jun 19 2026
लखीसराय : बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित "बिहार दर्शन" कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिला समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन विकास से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने बिहार दर्शन कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं इसके क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लखीसराय ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है, जहां पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। बैठक में जिले के छह संभावित पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित योजनाओं में जनजातीय पर्यटन, ट्रेक पर्यटन, कृषि पर्यटन, ग्राम पंचायत पर्यटन, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ कुंदर बराज और मोरबे डैम को जल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना शामिल है। इसके अतिरिक्त पर्यटकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए होम-स्टे मॉडल को बढ़ावा देने पर भी विचार किया गया। इस क्रम में बड़हिया जिला परिषद परिसर, विद्यापीठ स्थित आरसीडी गेस्ट हाउस, कुंदर बराज सर्किट हाउस तथा जिला सर्किट हाउस को पर्यटन सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस पहल से पर्यटन स्थलों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, होम-स्टे व्यवसाय, हस्तशिल्प, पारंपरिक खान-पान तथा अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को बिहार दर्शन कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने तथा पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए व्यवहारिक एवं रचनात्मक सुझाव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।