बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की अलख, बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर

  • Post By Admin on Jan 05 2026
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता की अलख, बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर

लखीसराय : समाज से बाल विवाह जैसी जड़ जमा चुकी कुरीति को समाप्त करने के उद्देश्य से सोमवार को हलसी प्रखंड के कैंदी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत चल रहे 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सत्र के दौरान छात्राओं को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों, स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभाव और शिक्षा के महत्व की जानकारी दी गई।

मुख्य वक्ता जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसका खामियाजा बालिकाओं को जीवनभर भुगतना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर गहरा असर पड़ता है। सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने छात्राओं को 1098 और 181 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने की अपील की।

लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने बालिकाओं के जागरूक कदमों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक प्रगति के लिए बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का बहिष्कार आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ अमित कुमार ने शिक्षा को आत्मनिर्भरता की कुंजी बताते हुए कहा कि सशक्त भविष्य का रास्ता स्कूल से होकर गुजरता है। उन्होंने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और स्वयं के निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यालय की वार्डन सरिता कुमारी और एएनएम सपना कुमारी ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं और विद्यालय कर्मियों ने बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने की सामूहिक शपथ ली। इसके साथ ही छात्राओं के बीच स्वच्छता प्रबंधन किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में नबींद्र दास सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।