पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण और मच्छरजनित रोगों से बचाव का संदेश
- Post By Admin on Aug 20 2026
लखीसराय: विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से टाउन हॉल परिसर, केआरके नया बाजार, लखीसराय में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी सौरभ कुमार गोलू ने किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को पेड़ों के महत्व को समझना होगा। उन्होंने राजस्थान में हुए चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि वृक्षों की रक्षा के लिए लोगों ने ऐतिहासिक बलिदान दिया था।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के जोधपुर में खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए माता अमृता देवी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने अपना बलिदान दिया था। उनके अनुसार, खेजड़ी को राजस्थान में देव वृक्ष का दर्जा प्राप्त है और वृक्षों की रक्षा के लिए लोगों का संघर्ष पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायक मिसाल है। राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरणीय संकट को देखते हुए वृक्षों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने की अपील की। विश्व मच्छर दिवस के संदर्भ में उन्होंने बताया कि ब्रिटिश डॉक्टर सर रोनाल्ड रॉस ने 20 अगस्त 1897 को मादा एनोफिलीज मच्छर के माध्यम से मलेरिया फैलने के संबंध में महत्वपूर्ण खोज की थी। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों के कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टियों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। घर के आसपास जलजमाव से बचें और पानी के बर्तनों को ढंककर रखें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। आयोजन में इन्द्रजीत कुमार, आदित्य कुमार, मदन मोहन प्रसाद, राम बिलास शाण्डिल्य, हिमालय, सौरभ कुमार गोलू, अक्षत राज सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण भारती ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने और स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।