अशोकधाम त्रासदी पर भाकपा का हमला, ट्रस्ट और प्रशासनिक व्यवस्था की जांच की मांग

  • Post By Admin on Aug 22 2026
अशोकधाम त्रासदी पर भाकपा का हमला, ट्रस्ट और प्रशासनिक व्यवस्था की जांच की मांग

लखीसराय : अशोकधाम में सोमवारी के दिन हुए हादसे में आठवें श्रद्धालु की मौत के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि हादसे की जांच यदि केवल अधिकारियों को बचाने की औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह गई तो मृत श्रद्धालुओं के परिवारों को न्याय नहीं मिल सकेगा।

भाकपा ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अक्षमता, वीआईपी कल्चर, भीड़ प्रबंधन की विफलता और दूरदर्शिता के अभाव ने हादसे को गंभीर बनाया। पार्टी ने कहा कि जिम्मेदारी तय करने के बजाय यदि प्रशासन भीड़ और श्रद्धालुओं पर दोष मढ़ता है तो इसे जवाबदेही से बचने का प्रयास माना जाएगा।

बिजली पोल और तार लगाने के कार्यों की जांच की मांग

भाकपा ने लखीसराय शहर और आसपास विद्युत पोल गाड़ने तथा बिजली तार लगाने के कार्यों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की। पार्टी के अनुसार, यह जांच होनी चाहिए कि कार्य किस मानक, एजेंसी और स्वीकृत योजना के तहत कराया गया तथा इसमें गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं।

अशोकधाम ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की जांच की मांग

पार्टी ने अशोकधाम ट्रस्ट की गतिविधियों, वित्तीय स्रोतों, चढ़ावे, दान और धार्मिक आयोजनों से होने वाली आय-व्यय की पारदर्शी एवं स्वतंत्र वित्तीय जांच की भी मांग की है। भाकपा ने कहा कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं होने से सवाल उठते हैं। पार्टी ने मांग की कि यदि किसी स्तर पर धार्मिक संस्था का इस्तेमाल अवैध धन को वैध दिखाने अथवा धनशोधन के लिए किए जाने की आशंका है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जांच में हितों के टकराव से बचने की मांग

भाकपा ने कहा कि जांच टीम में ऐसे किसी अधिकारी या व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिसकी भूमिका स्वयं जांच के दायरे में हो। पार्टी के अनुसार, जांच का उद्देश्य दोषियों को बचाना नहीं, बल्कि उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना होना चाहिए।

सरकार के सामने रखीं ये मांगें

भाकपा ने राज्य सरकार से हादसे की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इसके अलावा मृत श्रद्धालुओं के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने, सभी घायलों को कम से कम 2.50 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराने और बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की गई।

पार्टी ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई करने, लखीसराय में विद्युत पोल एवं तार लगाने के कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने तथा अशोकधाम ट्रस्ट की आय-व्यय, चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच की मांग भी रखी। भाकपा ने यह भी कहा कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों में वीआईपी व्यवस्था के नाम पर आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।

पार्टी ने कहा कि सरकार की वास्तविक परीक्षा जांच समिति गठित करने में नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में है। भाकपा ने कहा कि मृतकों के परिवारों को न्याय और घायलों को सम्मानजनक सहायता दिए बिना किसी भी जांच रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया जाएगा।