शांतिपूर्ण आंदोलन में ‘उपद्रवी घुसपैठ’ का आरोप, रांची में छात्रों और पुलिस के बीच टकराव

  • Post By Admin on Aug 10 2026
शांतिपूर्ण आंदोलन में ‘उपद्रवी घुसपैठ’ का आरोप, रांची में छात्रों और पुलिस के बीच टकराव

रांची : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर विधानसभा घेराव कर रहे छात्रों का प्रदर्शन शनिवार को तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस की ओर बोतलें फेंके जाने की घटना सामने आई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने स्थिति को संभालते हुए घायल कर्मी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद छात्रों के एक समूह ने दावा किया कि आंदोलन में कुछ ‘उपद्रवी तत्व’ घुस आए हैं, जो माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन परीक्षा संबंधी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और हिंसा या पुलिस से टकराव उनकी रणनीति का हिस्सा नहीं है।

तनाव बढ़ने के बाद छात्र नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और बैरिकेडिंग के आगे नहीं बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की हरकतों से पूरे आंदोलन की छवि प्रभावित हो सकती है। छात्रों ने सभी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि से दूर रहने का आग्रह किया।

दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और बैरिकेडिंग पार न करने की चेतावनी दी। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। घटना के बाद विधानसभा क्षेत्र और प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा पूरे इलाके की लगातार निगरानी की जा रही है।

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं। आज के इस घटना के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है और प्रशासन तथा छात्र संगठनों दोनों की अगली रणनीति पर सबकी नजर बनी हुई है।