विपक्ष ने बजट को बताया जुमलाबाजी, कहा—11 साल में जनता को कुछ नहीं मिला

  • Post By Admin on Feb 01 2026
विपक्ष ने बजट को बताया जुमलाबाजी, कहा—11 साल में जनता को कुछ नहीं मिला

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी नेताओं ने बजट को ‘जुमलाबाजी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला कोई ठोस काम नहीं किया है।

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजाला ने कहा कि सरकार को बेरोजगार युवाओं, किसानों और कर्ज में डूबे राज्यों के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे राज्य पर भारी कर्ज है और सरकार को कर्ज माफी जैसे प्रावधानों पर विचार करना चाहिए था। इसके साथ ही उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स और ड्रोन के जरिए हो रही हथियारों की तस्करी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बजट में सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और संसाधनों की व्यवस्था होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी बजट पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले ग्यारह सालों में देश की जनता की उम्मीदों को लगातार तोड़ा है। उनके मुताबिक बजट ऐसा होना चाहिए, जो आम आदमी की जेब मजबूत करे, लेकिन हर साल आने वाला बजट गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ डाल देता है। उन्होंने मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के महीनों में जिस तरह इस योजना को कमजोर किया गया है, उससे गरीब मजदूरों की स्थिति पहले ही खराब हो चुकी है, ऐसे में इस बजट से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश पिछले कई वर्षों से सिर्फ उम्मीदों के सहारे चल रहा है। उन्होंने दो करोड़ नौकरियों, हर खाते में 15 लाख रुपए, कालाधन वापस लाने और बुलेट ट्रेन जैसे वादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अब तक अपने बड़े वादों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हर बजट के साथ नए जुमले आते हैं, लेकिन जमीन पर बदलाव नजर नहीं आता।

विपक्षी दलों का कहना है कि बजट 2026-27 में रोजगार, महंगाई, किसानों की आय और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि बजट में बड़े दावे तो किए गए हैं, लेकिन आम जनता को राहत देने वाले ठोस उपायों की कमी है।