बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, भाजपा का तीन दशक पुराना गढ़ ढहा
- Post By Admin on Aug 03 2026
पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बिहार की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। भाजपा के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर जन सुराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पार्टी को करारी शिकस्त दी। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता भी चुनावी मुकाबले में प्रभावी चुनौती पेश नहीं कर सकीं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई इस सीट पर हुए उपचुनाव में मुकाबला बेहद प्रतिष्ठापूर्ण माना जा रहा था। करीब डेढ़ दशक नहीं बल्कि लगभग तीन दशक बाद भाजपा को बांकीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, पौने दो वर्ष पहले अस्तित्व में आई जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा की हार के पीछे कई कारण रहे। सबसे प्रमुख वजह चुनाव से ठीक पहले उम्मीदवार बदलने का फैसला माना जा रहा है। अंतिम समय में प्रत्याशी परिवर्तन से कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी, जिसका असर चुनावी अभियान और बूथ प्रबंधन पर भी देखने को मिला।
विश्लेषकों का यह भी मानना है कि भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को पूरी तरह एकजुट रखने में सफल नहीं रही। पार्टी के कोर वोटरों का एक वर्ग इस बार भाजपा से दूर दिखाई दिया, जिसका सीधा लाभ जन सुराज और प्रशांत किशोर को मिला। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर ने पूरे चुनाव अभियान में स्थानीय समस्याओं, विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यवस्था परिवर्तन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने खुद को पारंपरिक राजनीति के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया, जिसका असर खासकर युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं और शहरी वर्ग पर दिखाई दिया।
राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता चुनावी मुकाबले में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकीं। चुनाव के अंतिम चरण तक मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और जन सुराज के बीच सिमट गया, जिससे प्रशांत किशोर को सीधा राजनीतिक लाभ मिला। गौरतलब है कि इस उपचुनाव को भाजपा ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में व्यापक चुनाव प्रचार किया। इसके बावजूद पार्टी सीट बचाने में सफल नहीं हो सकी।
उधर, हार के बाद भाजपा ने आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा है कि पार्टी चुनाव की विस्तृत समीक्षा करेगी और यह पता लगाया जाएगा कि तैयारी में कहां कमी रह गई। बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम अब बिहार की राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत जन सुराज के लिए केवल एक विधानसभा सीट की सफलता नहीं, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश भी है। वहीं भाजपा के लिए यह परिणाम अपनी रणनीति, संगठन और चुनावी प्रबंधन की समीक्षा का अवसर माना जा रहा है।