नैतिकता, तार्किक सोच और स्वतंत्र चिंतन पर जोर, एलएनटी कॉलेज में शिक्षा के नए दृष्टिकोण पर चर्चा

  • Post By Admin on Nov 03 2026
नैतिकता, तार्किक सोच और स्वतंत्र चिंतन पर जोर, एलएनटी कॉलेज में शिक्षा के नए दृष्टिकोण पर चर्चा

मुजफ्फरपुर : ललित नारायण तिरहुत (एलएनटी) महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में सोमवार को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के बीच संबंधों पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में आईआईटी पटना के भारतीय ज्ञान परंपरा संसाधन व्यक्ति आर. के. चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को शिक्षा के व्यापक उद्देश्य और भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता से अवगत कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने की। मुख्य वक्ता आर. के. चतुर्वेदी का डॉ. अरुण कुमार और डॉ. एजाज अनवर ने शॉल एवं पौधा भेंटकर स्वागत और सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. योगेश कुमार ने किया।

अपने व्याख्यान में आर. के. चतुर्वेदी ने भारतीय ज्ञान परंपरा की ऐतिहासिक और दार्शनिक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, नैतिक मूल्य, स्वतंत्र चिंतन और प्रज्ञा का विकास भी होना जरूरी है। उन्होंने सूचना, ज्ञान और प्रज्ञा के बीच अंतर को समझाते हुए बताया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उनके अनुसार, विद्यार्थियों को केवल सूचनाओं तक सीमित रखने के बजाय उनमें विवेकपूर्ण सोच और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए उपयोगी बताया।कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. संध्या कुमारी, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. साक्षी वर्मा, डॉ. विपिन कुमार और डॉ. ज्योति कुमारी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक, श्री सुलतान जी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।