तिरहुत के शिक्षकों की आवाज बनेंगे प्रो. नरेंद्र प्रसाद सिंह, लंबित समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
- Post By Admin on Nov 03 2026
मुजफ्फरपुर : तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी प्रत्याशी प्रो. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि वे शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी। उनकी जीत केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि शिक्षकों की जीत है।
प्रो. नरेंद्र प्रसाद सिंह से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय अतिथि प्राध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात कर जीत की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान शिक्षकों की लंबित समस्याओं, उनके अधिकारों और अतिथि प्राध्यापकों के सेवा समायोजन सहित विभिन्न शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान संघ के अध्यक्ष डॉ. ललित किशोर ने कहा कि प्रो. नरेंद्र प्रसाद सिंह का लंबा अनुभव और शिक्षकों के प्रति उनकी संवेदनशीलता सभी संवर्गों के शिक्षकों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रो. सिंह शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और अतिथि प्राध्यापकों के हितों के लिए प्रभावी पहल करेंगे।
इस पर प्रो. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि वे शिक्षकों की विभिन्न कठिनाइयों से परिचित हैं। समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के स्तर पर वार्ता की जाएगी और आवश्यक पहल की जाएगी। अतिथि प्राध्यापकों के सेवा समायोजन के सवाल पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसके लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों के प्रति ईमानदार रहने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के सकारात्मक रुख से आने वाले समय में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी विश्वास जताया कि प्रो. नरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व और प्रयासों से शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान तथा अतिथि प्राध्यापकों के सेवा समायोजन की दिशा में सार्थक प्रगति होगी। इस अवसर पर डॉ. ललित किशोर, डॉ. राघव कुमार, डॉ. नितेश कुमार, डॉ. सर्वेश्वर कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. राकेश रंजन, डॉ. अपूर्व कुमार, डॉ. अविनाश कुमार झा, डॉ. मयंक कुमार और डॉ. यू.एन. झा सहित कई प्राध्यापक उपस्थित रहे।