विविध समाचार
- Post by Admin on Sep 06 2023
जलवायु परिवर्तन से निपटने और नेट ज़ीरो एमिशन हासिल करने के वैश्विक प्रयासों के मद्देनजर, यूरोपीय थिंक टैंक स्ट्रैटेजिक पर्सपेक्टिव्स की एक नई रिपोर्ट ने ज़ीरो-कार्बन प्रौद्योगिकियों के तेजी से विकसित हो रहे परिदृश्य पर प्रकाश डाला है। रिपोर्ट शीर्ष पांच प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं - चीन, यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और भारत - और उभरते हरित औद्योगिक युग पर हावी होन read more
- Post by Admin on Sep 05 2023
जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर आधारित अंतर सरकारी मंच यानी इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम सर्विसेज (आईपीबीईएस) ने आज एक नई रिपोर्ट- 'द असेसमेंट रिपोर्ट आन इनवेसिव एलियन स्पेशीज एंड देयर कंट्रोल' जारी की है। इस रिपोर्ट में घुसपैठ करने वाली आक्रामक विदेशी प्रजातियों को दुनिया भर में जैव विविधता को हो रहे नुकसान के मुख्य प्रत्यक्ष कारकों मे read more
- Post by Admin on Sep 05 2023
वैश्विक एनर्जी थिंक टैंक एम्बर जी-20 देशों में प्रति व्यक्ति थर्मल पॉवर यानी कोयला जलाकर बनी बिजली से हो रहे उत्सर्जन का जायज़ा लेते हुए अपनी तीसरी वार्षिक रिपोर्ट आज जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया प्रति व्यक्ति थर्मल पॉवर यानी कोयला से बनी बिजली से होने वाले प्रदूषण के मामले में टॉप दो प्रदूषकों के रूप में उभर कर सामने आए। इनकी यह जगह 2020 से अपरिवर्त read more
- Post by Admin on Sep 01 2023
भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की जीडीपी का 30% हिस्सा हैं और 110 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देते हैं। लेकिन सामूहिक रूप से, अर्थव्यवस्था की गाड़ी खींचने वाले यह छोटे इंजन, प्रति वर्ष, लगभग 110 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड भी उगलते हैं। यह आंकड़ा भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्य तक पहुंचने के लिए इस उद्योग क्षेत्र में एमिशन पर अंकुश लगाने की ज़रूरत को सीधे तौर पर साफ़ करता है। read more
- Post by Admin on Aug 30 2023
साल 1933 में लॉस्ट होराइजन नाम के उपन्यास में लेखक जेम्स हिल्टन ने हिमालय में कहीं बसी एक काल्पनिक वादी, शांगरी ला का ज़िक्र किया था। यह घाटी बेहद खूबसूरत नज़ारों को समेटे थी। ऐसा माना जाता है कि जेम्स हिल्टन हिमालय के सौंदर्य से मोहित थे, जिसके चलते उन्होंने शांगरी ला की कल्पना की। मगर आज, अगर जेम्स हिल्टन हिमालय के इस स्वरूप को देखते तो शायद शांगरी ला जैसी कोई कल्पना न कर पाते। आज, हि read more
- Post by Admin on Aug 29 2023
भारत की अध्यक्षता में जी20 देशों की ऊर्जा, जलवायु एवं पर्यावरण से सम्बन्धित बैठकें पिछले महीने सम्पन्न हुईं। इन बैठकों में एक व्यापक श्रंखला रूपी मसलों का हल निकालने के लिये कड़ी मेहनत की गयी जिनसे यह तय होगा कि देशों का यह समूह क्या ऊर्जा और वित्त रूपी दो प्रमुख पहलुओं के इर्द-गिर्द खड़े दीर्घकालिक मुद्दों को लेकर किसी समाधान तक पहुंच पाता है या नहीं। एक ऐसे वक्त म read more
- Post by Admin on Aug 26 2023
जहां एक ओर सरकार हवाओं की बढ़ती गर्मी पर लगाम लगाने के लिए तमाम सकारात्मक पहल कर रही है, वहीं उन्हीं हवाओं से ऊर्जा बनाने के मामले में भारत सरकार की दृढ़ता भी साफ दिख रही है. दरअसल प्रमुख उद्योग संगठनों की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वैश्विक पवन ऊर्जा निर्यात केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (जीडब्ल्यूईसी) और एमईसी+ द्वारा जारी की गयी एक ताज़ा रिप read more
- Post by Admin on Aug 19 2023
हिमाचल प्रदेश में बारिश और उसके बाद हुए भूस्खलन में कम से कम 75 लोगों की जान जाने के बाद वहां की सरकार ने वहां राज्य स्तरीय आपदा घोषित कर दी। उत्तराखंड में भी हाल कुछ मिलता जुलता ही है। विशेषज्ञों की मानें तो हम प्रकृति को मार रहे हैं, वो हमें मार रही है। उनका मानना है कि अब वक्त पहाड़ी राज्यों में प्रकृति की इस विनाश लीला पर शोक मनाने का नहीं है। अब वक्त है जलवायु परिवर्तन पर तत्काल का read more
- Post by Admin on Aug 10 2023
मानसून बारिश और अल-नीनो नाम की समुद्री तरंग में वैसे तो गहरा नाता रहा है हमेशा, मगर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पिछली सदी के दौरान इन दोनों के रिश्तों के रंग बादल चुके हैं। इस बात का पता चलता है पुणे स्थित भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के वैज्ञानिक रोक्सी मैथ्यू कोल की अगुवाई में हुए एक अध्ययन में। साइंटिफिक रिपोर्ट्स नामक पत्रिका में प्रकाशित इस read more
- Post by Admin on Aug 09 2023
जलवायु परिवर्तन से निपटने की जितनी तात्कालिकता आज के दौर में महसूस होती है, उतनी पहले कभी नहीं रही और वक़्त के साथ इस विषय की प्रासंगिकता बढ़ती ही जाएगी। क्योंकि यह समस्या मानव जनित है, इसका समाधान भी मानव जनित ही होगा। सरल शब्दों में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जन सहभागिता बेहद ज़रूरी है और जन सहभागिता के लिए जन जागरण महत्वपूर्ण है। बस यहीं पर मीडिया की भूमिका उभर कर सामने आ read more