रजनीश जैन की पुस्तक Quiet Excellence का विमोचन, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों पर केंद्रित
- Post By Admin on May 31 2026
नई दिल्ली : रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) रजनीश जैन की पुस्तक ‘Quiet Excellence: 52 Reflections on Work, Faith and What Truly Matters’ का रविवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में आयोजित एक विशेष समारोह में विमोचन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
ओम बुक्स इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक जीवन, नेतृत्व, विश्वास और मानवीय मूल्यों से जुड़े 52 प्रेरक लेखों का संकलन है। पुस्तक में रोजमर्रा के अनुभवों, कार्यस्थल की चुनौतियों और व्यक्तिगत जीवन से प्राप्त सीखों को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। लेखक का मानना है कि सफलता केवल पेशेवर उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, मूल्यों और संतुलित दृष्टिकोण से भी निर्धारित होती है।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर रजनीश जैन ने कहा कि भारतीय समाज की सामूहिक चेतना सदैव लोगों को महत्वाकांक्षा और विनम्रता, कर्म और चिंतन, सफलता और अर्थपूर्ण जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुस्तक पाठकों को जीवन और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेगी। लेखक के अनुसार, Quiet Excellence केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में आत्मसात करने योग्य विचारों का संग्रह है। इसमें शामिल अनुभव और प्रसंग पाठकों को अपने कार्य, संबंधों और व्यक्तिगत विकास को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करते हैं। पुस्तक में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का संदेश भी शामिल है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित हस्तियों के विचारों को स्थान दिया गया है, जिनमें आत्मचिंतन, जागरूकता, नैतिक मूल्यों और संतुलित जीवन के महत्व पर विशेष जोर दिया गया है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी, राजनयिक एवं राजदूत डॉ. दीपक वोहरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार, ब्रह्माकुमारी संस्था की वक्ता आशा दीदी, आईसीएमएआई के अध्यक्ष सीएमए टी.सी.ए. श्रीनिवास प्रसाद तथा एचएफसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र नाहटा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में प्रभावी नेतृत्व केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, नैतिकता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना से भी परिभाषित होता है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक इन्हीं मूल्यों को सरल भाषा और वास्तविक अनुभवों के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती है।