डिजिटल क्रांति में महिलाओं की मजबूत भागीदारी, चार साल में बदली तस्वीर
- Post By Admin on Jun 03 2026
नई दिल्ली : भारत में महिलाओं की डिजिटल पहुंच और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के छठे चरण की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट का उपयोग करने वाली भारतीय महिलाओं का प्रतिशत पिछले चार वर्षों में लगभग दोगुना हो गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019-21 में जहां केवल 33.3 प्रतिशत महिलाएं इंटरनेट का उपयोग करती थीं, वहीं वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 64.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह वृद्धि देश में डिजिटल सशक्तिकरण और तकनीकी पहुंच के विस्तार को दर्शाती है। सर्वेक्षण में शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव दर्ज किए गए हैं। दो से चार वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की प्री-स्कूल में उपस्थिति 40.1 प्रतिशत से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गई है। वहीं 10 वर्ष या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाली महिलाओं का अनुपात 41 प्रतिशत से बढ़कर 46.4 प्रतिशत हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा तथा डिजिटल संसाधनों तक पहुंच में सुधार हुआ है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट और शिक्षा तक बढ़ती पहुंच महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर इन उपलब्धियों के बावजूद सर्वेक्षण में क्षेत्रीय और सामाजिक असमानताएं भी सामने आई हैं। शहरी क्षेत्रों में छह वर्ष और उससे अधिक आयु की लड़कियों एवं महिलाओं की स्कूल उपस्थिति दर 84.3 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 69.2 प्रतिशत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल और शैक्षिक विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधाओं, शिक्षा संसाधनों और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच मौजूद अंतर को कम किया जा सके। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारत में महिलाओं की डिजिटल भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जो देश के समावेशी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।