रेफरल के बाद घंटों तक एंबुलेंस का इंतजार, 102 सेवा की लापरवाही पर उठे सवाल
- Post By Admin on Jun 30 2026
लखीसराय : सदर अस्पताल में 102 एंबुलेंस सेवा की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। 33 हजार वोल्ट बिजली के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसी महिला और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे को रेफर किए जाने के बावजूद समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से दोनों मरीजों को करीब एक घंटे तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान परिजन निजी एंबुलेंस की व्यवस्था में जुटे रहे।
जानकारी के अनुसार, शहर के पुराने बाजार वार्ड संख्या-10 निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी काजल कुमारी (24) और उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र आयुष कुमार करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफरल के बाद काफी देर तक 102 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई। काफी प्रयास के बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, लेकिन चालक वाहन खड़ा कर वहां से चला गया। बताया गया कि एंबुलेंस का सहायक करीब 15 मिनट बाद और चालक लगभग 25 मिनट बाद वापस वाहन के पास पहुंचे। इस दौरान मरीजों की हालत गंभीर बनी रही और चिकित्सक भी उनकी स्थिति को लेकर चिंतित रहे। करीब एक घंटे की देरी के बाद मां और बेटे को 102 एंबुलेंस से पटना के लिए रवाना किया जा सका। घटना के बाद अस्पताल परिसर में एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी सदर अस्पताल में एंबुलेंस कर्मियों पर एक प्रसूता के दिव्यांग परिजन के साथ मारपीट का आरोप लगा था, जिसके बाद अस्पताल में हंगामा हुआ था। इस मामले में अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सुधांशु नारायण ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि जांच में एंबुलेंस कर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित संचालक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और दोषी चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।