14 वर्ष की बच्चियों को मुफ्त एचपीवी टीका : 13 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य

  • Post By Admin on Feb 27 2026
14 वर्ष की बच्चियों को मुफ्त एचपीवी टीका : 13 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य

लखीसराय : बिहार सरकार ने प्रदेश की बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 14 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीका निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत राज्य की कुल 13 लाख किशोरियों को टीकाकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के अजमेर से इस देशव्यापी अभियान का शुभारंभ करेंगे। वहीं बिहार में कार्यक्रम की शुरुआत इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। लॉन्चिंग के अवसर पर प्रत्येक जिले में चयनित स्थल पर 20 किशोरियों को ‘गार्डासिल’ टीका लगाया जाएगा।

सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने बताया कि वे किशोरियां जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है और अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं, वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर यह टीका लगवा सकेंगी। यह अभियान पहले जिला स्तर पर और उसके बाद प्रखंड स्तर पर संचालित किया जाएगा।

93 प्रतिशत तक प्रभावी है टीका

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे बड़ा कैंसर खतरा है। वर्ष 2024 में देश में 78,499 नए मामले सामने आए और 42,392 महिलाओं की मृत्यु दर्ज की गई। यह कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण के कारण होता है, जिसे टीकाकरण के माध्यम से 93 प्रतिशत तक रोका जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सिफारिशों के आधार पर 14 वर्ष की बच्चियों को एकल खुराक देने का निर्णय लिया है, जो दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करती है। विश्व स्तर पर 160 देशों ने एचपीवी टीकाकरण को अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया है और दिसंबर 2022 तक 50 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।

‘साइलेंट किलर’ से बचाव पर जोर

विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। बीमारी बढ़ने पर असामान्य रक्तस्राव, वजन कम होना, पीठ दर्द और पैरों में सूजन जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही सबसे प्रभावी बचाव है।

यू-विन प्लेटफॉर्म से निगरानी

अभियान की मॉनिटरिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘यू-विन’ के माध्यम से की जाएगी। अभिभावक घर बैठे या टीकाकरण केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकेंगे और टीकाकरण के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है और अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी।

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक हर पात्र किशोरी को इस सुरक्षा कवच का लाभ मिले, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।