लखीसराय सदर अस्पताल से परिवार नियोजन जागरूकता रथ रवाना, 11 मार्च तक चलेगा अभियान

  • Post By Admin on Mar 07 2026
लखीसराय सदर अस्पताल से परिवार नियोजन जागरूकता रथ रवाना, 11 मार्च तक चलेगा अभियान

लखीसराय : जिले में परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को सदर अस्पताल लखीसराय में परिवार नियोजन स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने जागरूकता के लिए ‘साथी रथ’ को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया।

कार्यक्रम में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, डीसीएम, एनएचएम प्रबंधक, जीविका प्रबंधक, पीएफआई जिला समन्वयक, बीसीएम, आशा फैसिलिटेटर तथा परिवार नियोजन काउंसलर मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि समुदाय में परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिशन परिवार विकास  के तहत 23 फरवरी से 20 मार्च तक परिवार नियोजन पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत 23 फरवरी से 5 मार्च तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलाया गया, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं ने सर्वे कर संभावित लाभार्थियों की पहचान की। इन चिन्हित लाभार्थियों को 6 मार्च से 20 मार्च तक परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति जागरूक कर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अधिकारियों के अनुसार ‘साथी रथ’ के माध्यम से 7 मार्च से 11 मार्च तक पांच दिनों तक विभिन्न गांवों और समुदायों में लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस दौरान अनचाहे गर्भ को रोकने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और जनसंख्या को स्थिर रखने को लेकर आशा एवं जीविका दीदियों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को परिवार नियोजन किट उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही दंपति संपर्क माह के दौरान घर-घर जाकर गर्भनिरोधक सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। लोगों को अंतराल के साधनों जैसे अंतरा इंजेक्शन, छाया (साप्ताहिक गोली) तथा कॉपर-टी (आईयूसीडी) के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि शादी के बाद पहले बच्चे में देरी करें तथा दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखें। इसके साथ ही महिला नसबंदी के साथ पुरुष नसबंदी (एनएसवी) को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस-5) के अनुसार देश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) घटकर 2.0 हो गई है, जो 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर से कम है। हालांकि लखीसराय जिले में टीएफआर अभी 2.9 है, जिसे कम करने के लिए परिवार नियोजन सेवाओं को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी भी कई महिलाएं गर्भनिरोधक अपनाना चाहती हैं, लेकिन सेवाओं तक उनकी पहुंच नहीं हो पाती है। इस स्थिति को दूर करना अभियान की प्रमुख प्राथमिकता है।

परिवार नियोजन पखवाड़ा मार्च 2026 के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत बड़हिया में महिला बंध्याकरण 115, पुरुष नसबंदी 6, कॉपर-टी 145 और अंतरा 220 का लक्ष्य रखा गया है। चानन में महिला बंध्याकरण 95, पुरुष नसबंदी 5, कॉपर-टी 120 और अंतरा 180 का लक्ष्य है। हलसी में महिला बंध्याकरण 105, पुरुष नसबंदी 5, कॉपर-टी 130 और अंतरा 195 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसी तरह लखीसराय सदर में महिला बंध्याकरण 200, पुरुष नसबंदी 10, कॉपर-टी 250 और अंतरा 375, पिपरिया में महिला बंध्याकरण 45, पुरुष नसबंदी 2, कॉपर-टी 60 और अंतरा 85, रामगढ़ चौक में महिला बंध्याकरण 75, पुरुष नसबंदी 4, कॉपर-टी 100 और अंतरा 145 तथा सूर्यगढ़ा में महिला बंध्याकरण 260, पुरुष नसबंदी 14, कॉपर-टी 330 और अंतरा 495 का लक्ष्य तय किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जिले में परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।