लगातार खांसी को न करें नजरअंदाज, तुरंत कराएं टीबी की जांच : विशेषज्ञ
- Post By Admin on Mar 11 2026
लखीसराय : मौसम में बदलाव के साथ सर्दी, खांसी और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों में भी टीबी का खतरा बना रहता है, इसलिए उन्हें समय पर बीसीजी टीका लगवाना जरूरी है।
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने बताया कि तपेदिक (टीबी) एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। यह बीमारी मायकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से इसका संक्रमण फैल सकता है।
उन्होंने बताया कि कुपोषित और एनीमिया से पीड़ित बच्चों में टीबी का खतरा अधिक होता है। इसलिए बच्चों को बीसीजी टीका दिलाना बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। साथ ही, टीबी पीड़ित बच्चों के संपर्क में सामान्य बच्चों को आने से बचाना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय बच्चों को मास्क पहनाने और उन्हें श्वसन संबंधी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, हल्का बुखार, वजन कम होना, सीने में दर्द, रात में पसीना आना या खांसी के साथ बलगम या खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। जिला सदर अस्पताल, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच, दवा और इलाज की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है। साथ ही टीबी मरीजों को पोषण आहार के लिए सहायता राशि भी प्रदान की जाती है।
डॉ. शर्मा ने लोगों से अपील की कि टीबी से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, इधर-उधर थूकने से बचें, पौष्टिक भोजन करें, नियमित व्यायाम और योग अपनाएं तथा तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और शराब से दूर रहें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और समय पर उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।