'उस दुनिया तक' के लोकार्पण समारोह में साहित्य, संवेदना और मानवीय मूल्यों पर हुई सार्थक चर्चा

  • Post By Admin on Jul 17 2026
'उस दुनिया तक' के लोकार्पण समारोह में साहित्य, संवेदना और मानवीय मूल्यों पर हुई सार्थक चर्चा

मुजफ्फरपुर: स्थानीय कलमबाग चौक स्थित एक होटल के सभागार में साहित्यकार डॉ. तृप्ति सिंह के काव्य संग्रह 'उस दुनिया तक' का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि एवं लोकार्पणकर्ता विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. भगवानलाल सहनी ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा कि कविता मनुष्य के जीवन राग, संवेदना और सामाजिक चेतना को समृद्ध करती है। उन्होंने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह की कविताएं मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और जीवन के सकारात्मक पक्ष को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती हैं, जिससे यह कृति समकालीन हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान बनाने की क्षमता रखती है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह की कविताएं उनके जीवन के गहरे अनुभवों और आत्मानुभूत क्षणों की सहज अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि इस संग्रह में भीड़ और एकांत, संघर्ष और संवेदना, आशा और आत्ममंथन जैसे अनेक भाव अत्यंत आत्मीयता के साथ उभरकर सामने आते हैं। डॉ. पंकज ने कहा कि यह काव्य संग्रह पाठकों से सीधा संवाद स्थापित करता है और मानवीय रिश्तों की ऊष्मा को जीवंत बनाए रखने का संदेश देता है। विशिष्ट अतिथि एवं एल.एन.टी. महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी जीवन, उसके अस्तित्व, भावनाओं और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि 'उस दुनिया तक' केवल एक काव्य संग्रह नहीं, बल्कि लेखिका के व्यापक जीवनानुभवों, सामाजिक सरोकारों और मानवीय चिंतन का सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों के साथ-साथ नई पीढ़ी के पाठकों को भी गहराई से प्रभावित करेगी और उन्हें जीवन को संवेदनशील दृष्टि से देखने की प्रेरणा देगी।

नगर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह का यह काव्य संग्रह मनुष्यता, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का सशक्त संदेश देता है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है और ऐसी रचनाएं पाठकों के भीतर संवेदनशीलता, सकारात्मक सोच तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव विकसित करती हैं। उन्होंने लेखिका को इस उत्कृष्ट कृति के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर की साहित्यिक परंपरा को यह पुस्तक और अधिक समृद्ध करेगी। समाजसेवी डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह की पुस्तक का कथ्य, भाषा और प्रस्तुति पाठकों को गहराई से प्रभावित करती है। पूर्व सांसद अजय निषाद ने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह की कविताएं मनुष्य की वास्तविक संवेदनाओं और जीवन के विविध अनुभवों की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।

धन्यवाद ज्ञापन के दौरान डॉ. तृप्ति सिंह ने कहा कि मुजफ्फरपुर की धरती साहित्यिक दृष्टि से अत्यंत उर्वर रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जो अनुभव किया, उसी को पूरी ईमानदारी के साथ अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है। इसके बाद उन्होंने अपने काव्य संग्रह से चुनिंदा कविताओं का पाठ भी किया। स्वागत, संचालन एवं विषय प्रवेश कराते हुए डॉ. पंकज कर्ण ने कहा कि 'उस दुनिया तक' की कविताओं में भावनाओं की मधुरता, मानवीय संवेदना और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टि का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि यह कृति पाठकों को आत्मचिंतन और मानवीय रिश्तों के महत्व का एहसास कराती है। समारोह में अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर कृष्णा कुमार सिंह, कौस्तुभ मणि, डॉ. नेहा सिंह, प्रीति सिंह, हर्षवर्धन, गुरुशरण, पुष्पा, डॉ. जयति, डॉ. दीपा, श्यामल श्रीवास्तव, डॉ. अनु शांडिल्य, प्रवीण कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. विकास कुमार, डॉ. निर्मल कुमार, डॉ. रामविनोद सिंह, डॉ. धनंजय सिंह, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ. बिंदु भारती, डॉ. अभिलाषा, डॉ. अनामिका, प्रो. गुड्डी, डॉ. रीना, प्रो. राजकुमार, प्रो. आकिब, केशव किशोर कनक, चैतन्य चेतन, शशि कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद, सांस्कृतिककर्मी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।