डीपफेक और फर्जी बयान से दुष्प्रचार की कोशिश, पीआईबी ने पाकिस्तान को किया बेनकाब

  • Post By Admin on May 26 2026
डीपफेक और फर्जी बयान से दुष्प्रचार की कोशिश, पीआईबी ने पाकिस्तान को किया बेनकाब

नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर भारत विरोधी दुष्प्रचार फैलाने की एक और कोशिश का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से जुड़े एक प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया हैंडल द्वारा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर झूठा बयान वायरल किया गया, जिसे सरकार की फैक्ट चेक इकाई ने पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है।

वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के समर्थन को लेकर कोई बयान दिया है। हालांकि जांच में यह दावा पूरी तरह निराधार पाया गया। पीआईबी फैक्ट चेक ने सोमवार को स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा दावा भ्रामक तथा झूठा है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि वे भारत सरकार के खिलाफ झूठे नैरेटिव फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध या भ्रामक पोस्ट को बिना सत्यापन साझा न करें। एजेंसी ने कहा कि फर्जी खबरों और दुष्प्रचार के खिलाफ लगातार निगरानी की जा रही है। हाल के दिनों में रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाने के कई प्रयास सामने आए हैं। सरकार ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध सामग्री की शिकायत सीधे पीआईबी फैक्ट चेक को भेजी जा सकती है। इसके लिए व्हाट्सऐप नंबर 8799711259 और ईमेल सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी पाकिस्तान से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भारतीय नौसेना को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित किया था। वायरल वीडियो में भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल एएन प्रमोद के नाम से यह झूठा दावा किया गया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था।

फैक्ट चेक इकाई की जांच में यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से तैयार किया गया ‘डीपफेक वीडियो’ निकला। एजेंसी के अनुसार वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था और वीडियो में उनके चेहरे तथा आवाज के साथ छेड़छाड़ की गई थी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।