रिलायंस से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, जानिए फैशन और सतत विकास से जुड़े प्रमुख संस्थानों की भूमिका

  • Post By Admin on Jul 07 2026
रिलायंस से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक, जानिए फैशन और सतत विकास से जुड़े प्रमुख संस्थानों की भूमिका

नई दिल्ली: सतत विकास, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, संयुक्त राष्ट्र, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया और फ्रांस के प्रमुख फैशन संगठन शामिल हैं, जो तकनीक, फैशन, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न पहल कर रहे हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रीमियम फैब्रिक ब्रांड R|Elan™ उन्नत फाइबर और यार्न तकनीक पर आधारित है। कंपनी के अनुसार यह फैब्रिक बेहतर प्रदर्शन, आराम और टिकाऊपन प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी समर्थन देता है। आधुनिक तकनीक से विकसित यह फैब्रिक टिकाऊ वस्त्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। भारत में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रणाली 26 संगठनों के माध्यम से कार्य कर रही है। ये सभी संगठन संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर के नेतृत्व में भारत के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। इनमें विशेष रूप से सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना और वर्ष 2047 तक "विकसित भारत" के लक्ष्य को समर्थन देना प्रमुख उद्देश्य है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है। कंपनी ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, रिटेल, डिजिटल सेवाओं और मीडिया जैसे विविध क्षेत्रों में कारोबार करती है। रिलायंस का नाम दुनिया की प्रतिष्ठित कंपनियों की सूची फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और फोर्ब्स ग्लोबल 2000 में भी शामिल है। फ्रांस का फैशन संगठन Fédération de la Haute Couture et de la Mode (FHCM) दुनिया के प्रतिष्ठित लक्जरी फैशन हाउस और उभरते डिजाइनरों का प्रतिनिधित्व करता है। यह संगठन पेरिस फैशन वीक® और ओट कूत्यूर वीक जैसे अंतरराष्ट्रीय फैशन आयोजनों का संचालन करता है तथा फ्रांस के फैशन उद्योग को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का कार्य करता है।

वहीं, भारत स्थित फ्रांस दूतावास का सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अंग फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया दोनों देशों के बीच शिक्षा, विज्ञान, कला, फैशन और डिजाइन के क्षेत्र में सहयोग को प्रोत्साहित करता है। संस्थान विशेष रूप से सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों से जुड़े नवाचार और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य करता है।