पटना NEET छात्रा की हॉस्टल में हुई मौत मामलें में फॉरेंसिक रिपोर्ट से सनसनीखेज खुलासा
- Post By Admin on Jan 25 2026
पटना: पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार फॉरेंसिक लैब ने अपनी बायोलॉजिकल रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें छात्रा के अंडरगारमेंट्स में मेल स्पर्म की पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हरासमेंट) हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस तथ्य का समर्थन करती है, जिससे शुरुआती तौर पर सामने लाई गई आत्महत्या की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार यह घटना 9 जनवरी की है, जब पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कई दिनों तक कोमा में रही। इलाज के दौरान 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने दावा किया था कि छात्रा ने अत्यधिक स्लीपिंग पिल्स ले ली थीं और वह टाइफाइड से पीड़ित थी, इसी वजह से उसकी मौत हुई। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया गया, जिसके बाद मामला संदिग्ध होता चला गया।
छात्रा के परिजनों ने शुरू से ही इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए रेप और मर्डर का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि पुलिस ने शुरुआती स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की और सच्चाई सामने आने से रोकने का प्रयास किया गया। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और बाद में सबूत मिटाने की साजिश रची गई।
मामले में हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। हालांकि, पीड़ित परिवार स्थानीय पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है और मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती कहानी को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। वहीं, पटना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। पुलिस के अनुसार फिलहाल किसी मंत्री या नेता के पुत्र की संलिप्तता को लेकर ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस बीच इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखा बयान देते हुए सवाल उठाया है कि आखिर किस संवैधानिक पद पर बैठे नेता या मंत्री का पुत्र इस मामले में शामिल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पटना में चल रहे कथित सेक्स रैकेट को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा है कि वह इस मामले को यूं ही दबने नहीं देंगे।
सांसद ने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने जल्दबाजी में उसे जेल भेज दिया, ताकि असली आरोपी तक जांच न पहुंच सके। उन्होंने मांग की है कि मनीष रंजन को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाए, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, फॉरेंसिक रिपोर्ट के इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है और अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।