मां बाला सुंदरी धाम : जहां नवरात्रि में 15 दिन तक सजता है आस्था का मेला
- Post By Admin on Mar 11 2026
नई दिल्ली : चैत्र नवरात्रि के आगमन के साथ देशभर के देवी मंदिरों में विशेष तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर स्थित मां बाला सुंदरी मंदिर में भी भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जो 15 दिनों तक चलता है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
त्रिलोकपुर में स्थित महामाया मां बाला सुंदरी का मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि मां बाला सुंदरी शक्ति, समृद्धि और सुरक्षा की देवी हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां के दर्शन करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं, पारिवारिक जीवन में सुख-शांति आती है और शत्रुओं से भी मुक्ति मिलती है।
मंदिर के गर्भगृह में मां की अष्टभुजी प्रतिमा और पिंडी विराजमान हैं, जिनके दर्शन भक्तों को बाल्य रूप में होते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां की पिंडी स्वयंभू है, जो भक्त लाला रामदास को नमक की बोरी में मिली थी। कहा जाता है कि वर्ष 1573 में सहारनपुर से नमक की बोरी लेकर आए लाला रामदास को देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और मंदिर निर्माण का निर्देश दिया।
बताया जाता है कि मंदिर निर्माण के लिए लाला रामदास के पास पर्याप्त धन नहीं था, जिसके बाद उन्होंने सिरमौर के तत्कालीन राजा प्रदीप प्रकाश से सहायता मांगी। उनके सहयोग से मंदिर का निर्माण संभव हुआ। बाद में राजा फतेह प्रकाश और राजा रघुबीर प्रकाश ने मंदिर के रखरखाव और जीर्णोद्धार का कार्य कराया। मां बाला सुंदरी को राजपूत समुदाय की कुलदेवी भी माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और मां का भव्य श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान लगने वाला 15 दिवसीय मेला श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है, जहां दूर-दूर से भक्त मां के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।