बिहार की राजनीति में बड़ा संकेत: निशांत कुमार बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री

  • Post By Admin on Mar 08 2026
बिहार की राजनीति में बड़ा संकेत: निशांत कुमार बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री

पटना : बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच उनके पुत्र निशांत कुमार को लेकर सियासी कयास तेज हो गए हैं। इसी बीच हरनौत से जदयू विधायक हरिनारायण सिंह ने दावा किया है कि नई सरकार में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बन चुकी है।

हरिनारायण सिंह ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नई सरकार में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार जल्द ही औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होंगे।

विधायक के अनुसार, किसी संवैधानिक पद पर आसीन होने के लिए विधानमंडल का सदस्य होना आवश्यक है। ऐसे में संभावना है कि निशांत कुमार अप्रैल में होने वाले विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में निर्वाचित होकर विधान परिषद के सदस्य बन सकते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि वे अपने पिता के इस्तीफे से खाली हुई सीट से ही चुनाव लड़ें।

हरिनारायण सिंह ने यह भी कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नई सरकार बनने के तुरंत बाद निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा या कुछ समय बाद। इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उचित समय पर करेगा। उन्होंने कहा कि दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि बैठक में मुख्य रूप से निशांत कुमार के नाम पर ही विचार हुआ था।

इधर मुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। ऐसे में उनके पुत्र के सक्रिय राजनीति में आने की संभावना ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार लंबे समय से वंशवाद की राजनीति के आलोचक रहे हैं।

इस बीच राज्य की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में भी नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। चर्चा है कि मुख्यमंत्री का पद भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है, जबकि जदयू दो उपमुख्यमंत्री बनाने और गृह विभाग अपने पास रखने की मांग कर सकती है।

वर्तमान में बिहार में भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री हैं, जबकि गृह विभाग की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी के पास है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।