आतंकी नेटवर्क पर एटीएस का शिकंजा, आठ संदिग्ध गिरफ्तार
- Post By Admin on Jul 04 2026
अहमदाबाद : गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े आठ संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। गिरफ्तार आरोपियों पर गुजरात समेत देश के विभिन्न हिस्सों में संगठन का नेटवर्क फैलाने और आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप हैं। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्धों में छह की उम्र 23 वर्ष से कम है। इन्हें गुजरात के बनासकांठा, पाटन और नवसारी जिलों के अलावा मध्य प्रदेश के देवास जिले से गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से तीन का संबंध सिद्धपुर और चिखली स्थित धार्मिक मदरसों से रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां यह स्पष्ट कर रही हैं कि इन संस्थानों की इस मामले में किसी प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि अभी नहीं हुई है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा (19), इब्राहिम मोहम्मद हुसेन घाघा (30), मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला (22), जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (21), मुफ्ती फौजन इस्माइल दाऊवा (40), मोहम्मद अमीन शेरा (21), मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी (22) और बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (18) के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह समूह गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का एक संगठित मॉड्यूल खड़ा करने और विभिन्न राज्यों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना पर काम कर रहा था। एटीएस अब आरोपियों के संपर्क सूत्रों, फंडिंग, प्रशिक्षण, डिजिटल गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की गहन जांच कर रही है। साथ ही जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
एटीएस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आतंकवादी गतिविधियों, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आपराधिक साजिश से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एटीएस का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां तथा छापेमारी की जा सकती है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों या विदेश स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।