महिलाओं की निजता से खिलवाड़, लेबर रूम की फुटेज बेचने वाला रैकेट बेनकाब

  • Post By Admin on Jun 02 2026
महिलाओं की निजता से खिलवाड़, लेबर रूम की फुटेज बेचने वाला रैकेट बेनकाब

राजकोट : गुजरात में महिलाओं की निजता से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अस्पतालों के लेबर रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों को कथित रूप से हैक कर प्रसव और चिकित्सा प्रक्रिया से संबंधित वीडियो ऑनलाइन बेचे जा रहे थे। मामले के खुलासे के बाद पुलिस और साइबर अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला 17 फरवरी 2025 को उस समय प्रकाश में आया जब सोशल मीडिया पर एक अस्पताल के लेबर रूम का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में एक गर्भवती महिला चिकित्सा देखरेख में दिखाई दे रही थी। पोस्ट के साथ एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक साझा किया गया था, जहां कथित रूप से पैसे लेकर अस्पतालों की संवेदनशील फुटेज उपलब्ध कराई जा रही थी। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत के बाद अहमदाबाद पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि एक संगठित गिरोह अस्पतालों के सीसीटीवी नेटवर्क को निशाना बनाकर वीडियो हासिल करता था और उन्हें विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने यूट्यूब पर कई चैनल बना रखे थे, जहां वे वीडियो के छोटे अंश अपलोड कर लोगों को टेलीग्राम समूहों तक पहुंचाते थे। इसके बाद इच्छुक लोगों से ऑनलाइन भुगतान लेकर कथित रूप से पूरी फुटेज उपलब्ध कराई जाती थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह के कुछ संपर्क विदेशी हैकर्स से भी जुड़े पाए गए हैं। आरोप है कि सीसीटीवी सिस्टम तक अवैध पहुंच बनाने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता था। भुगतान के लिए यूपीआई, गिफ्ट वाउचर और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा था। पुलिस ने जांच के दौरान कई टेलीग्राम समूहों का पता लगाया है, जिनके माध्यम से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध कारोबार से आरोपियों ने लाखों रुपए की कमाई की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कितने अस्पतालों के सीसीटीवी नेटवर्क प्रभावित हुए तथा इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साइबर विशेषज्ञ भी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने अस्पतालों में डिजिटल सुरक्षा और मरीजों की निजता की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में लगे सीसीटीवी नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी उठने लगी है।